
पशु तस्करी पर Raigarh Police का सर्जिकल स्ट्राइक, ओडिशा ले जा रहे 3 तस्कर रंगेहाथ गिरफ्तार
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के विरुद्ध पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद लैलूंगा पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र में घेराबंदी कर तीन तस्करों को दबोच लिया है। तस्कर गौवंशों को बेरहमी से पीटते हुए पैदल ही ओडिशा की सीमा पार कराने की फिराक में थे।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जशपुर जिले के कुछ लोग कुंजारा क्षेत्र से भारी संख्या में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक हांकते हुए उड़ीसा ले जा रहे हैं। इन बेजुबान जानवरों को न तो चारा दिया गया था और न ही पानी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरधारी साव ने अपनी टीम के साथ लैलूंगा के अटल चौक पर मोर्चा संभाला।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
घेराबंदी के दौरान पुलिस ने मुख्य मार्ग पर तीन संदिग्धों को 08 नग गौवंश के साथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान इस प्रकार बताई:
- मायाराम नागवंशी (45 वर्ष)
- सोहन यादव (47 वर्ष)
- विद्याधर नागवंशी (36 वर्ष)
(सभी निवासी: थाना बागबहार, जिला जशपुर, छत्तीसगढ़)
क्रूरता की हदें पार
पुलिस ने जब आरोपियों से मवेशी परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। आरोपियों द्वारा गौवंशों को पैदल ले जाते समय उनके साथ की जा रही बेरहमी को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जानवरों को अपने कब्जे में लिया।
गौशाला भेजे गए मवेशी, आरोपी पहुंचे जेल
थाना प्रभारी ने मानवता दिखाते हुए सबसे पहले गौवंशों के लिए चारे और पानी का प्रबंध किया। इसके बाद सभी 8 गौवंशों को सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला भेज दिया गया है।
- दर्ज मामला: थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 35/2026।
- कानूनी धाराएं: छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11।
तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल वारंट पर जेल भेज दिया गया है।
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