
Durg Police बनी ‘देवदूत’ : आत्महत्या करने पहुंचे युवक को बचाने में जवान घायल, एसएसपी ने किया सम्मानित
दुर्ग। खाकी वर्दी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह केवल कानून की रक्षा ही नहीं, बल्कि मानवता की ढाल भी है। शनिवार दोपहर दुर्ग के धमधा नाका रेलवे ट्रैक पर मौत और जिंदगी के बीच चल रही जंग में डायल-112 के जवानों ने फरिश्ता बनकर एक युवक की जान बचा ली। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन में एक आरक्षक को गंभीर चोटें भी आई हैं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ‘लाइफलाइन’
घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है। डायल-112 को सूचना मिली कि एक युवक आत्महत्या करने की नीयत से धमधा नाका रेलवे ट्रैक पर लेटा हुआ है। खबर मिलते ही ऑन-ड्यूटी आरक्षक रमेश जायसवाल और चालक लाखेश्वर बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचे।
ट्रेन आने से पहले का वो खौफनाक मंजर
मौके पर पहुंचकर जवानों ने देखा कि युवक ट्रैक पर जिद्द के साथ लेटा था। समय कम था और खतरा बड़ा। आरक्षक रमेश जायसवाल और चालक ने नागरिकों की मदद से युवक को जबरन ट्रैक से खींचना शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान अफरा-तफरी में आरक्षक रमेश जायसवाल को कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं, लेकिन उन्होंने युवक को सुरक्षित ट्रैक से बाहर निकालने के बाद ही दम लिया।
आरक्षक को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घायल जांबाज आरक्षक रमेश जायसवाल को तत्काल जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। वहीं, जिस युवक को बचाया गया, उसके परिजनों को पुलिस ने सूचना दे दी है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है।

एसएसपी ने बढ़ाया जांबाजों का हौसला
दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने इस मानवीय और साहसिक कार्य की सराहना करते हुए आरक्षक रमेश जायसवाल और चालक लाखेश्वर को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि रमेश की बहादुरी दुर्ग पुलिस के लिए गर्व की बात है।
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