
नक्सलवाद पर पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, 21 लाख का इनामी सुखराम ने किया सरेंडर
मलकानगिरी/जगदलपुर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। लंबे समय से सुरक्षाबलों की आँखों में धूल झोंक रहे एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रैंक के खतरनाक माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सुखराम पर सरकार ने 21 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था।
हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा सौंपा
आत्मसमर्पण के दौरान सुखराम ने न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ा, बल्कि अपने साथ एक अत्याधुनिक SLR राइफल, 12 राउंड जिंदा कारतूस, एक मैगजीन और दो शक्तिशाली IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) भी पुलिस को सौंपे। इसके अलावा कोडेक्स वायर, माओवादी वर्दी और अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
2010 से संगठन में था सक्रिय
सुखराम मरकाम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले (ग्राम गोविंदपाल) का रहने वाला है। वह वर्ष 2010 से माओवादी संगठन में सक्रिय था और कांगेरघाटी एरिया कमेटी के कमांडर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों पर हमलों, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट की दर्जनों बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है।

क्यों बदला मन?
मलकानगिरी एसपी के अनुसार, सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव, माओवादी विचारधारा से मोहभंग और ओडिशा सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति ने सुखराम को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस सरेंडर को मलकानगिरी जिले के ‘नक्सल मुक्त’ होने की दिशा में अंतिम प्रहार माना जा रहा है।
मिलेगा 21 लाख का लाभ
पुनर्वास नीति के तहत सुखराम को 21 लाख रुपये की इनाम राशि, घर बनाने के लिए सहायता, शादी के लिए प्रोत्साहन राशि और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की इस नीति का उद्देश्य अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी हिंसा छोड़ मुख्यधारा में जोड़ना है।
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