
Raipur से सटे ग्राम सोंड्रा में किसान परिवार की जमीन पर कब्जे का आरोप
राजधानी रायपुर से सटे ग्राम सोंड्रा में एक किसान परिवार ने फॉर्च्यून मेटल्स लिमिटेड के प्रबंधन पर उनकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसानों का कहना है कि पिछले 12 वर्षों से कंपनी उनकी जमीन पर बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के व्यावसायिक गतिविधियां चला रही है, लेकिन आज तक न तो जमीन लौटाई गई और न ही कोई मुआवजा दिया गया।

किराए के मकान में रहने को मजबूर किसान परिवार
जमीन छिन जाने के बाद पीड़ित परिवार अपने ही गांव में बेघर हो गया है। मजबूरी में उन्हें किराए के मकान में रहना पड़ रहा है, जिससे उनका आर्थिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है जमीन, फिर भी कब्जे का आरोप
जानकारी के अनुसार, कुलेश्वर निषाद, लिलेश्वर निषाद और जागेश्वर निषाद ग्राम सोंड्रा, जिला रायपुर के मूल निवासी हैं। उनका कहना है कि उनकी पुश्तैनी भूमि ग्राम सोंड्रा में स्थित है, जिसका खसरा नंबर 178/8 और 179/9 है। कुल रकबा 0.194 हेक्टेयर है, जो विधिवत रूप से राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है।
बिना अधिग्रहण और मुआवजे के कब्जा करने का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि फॉर्च्यून मेटल्स लिमिटेड ने न तो जमीन अधिग्रहण की कोई सूचना दी और न ही किसी प्रकार का मुआवजा प्रदान किया। इसके बावजूद कंपनी पिछले एक दशक से अधिक समय से जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर भारी मुनाफा कमा रही है।
प्रशासन से कई बार की शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
किसान परिवार का कहना है कि उन्होंने राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं। शिकायतों से जुड़े प्रमाण भी उनके पास मौजूद हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना का आरोप
लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के चलते पीड़ित परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने इसे उनके साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
सीएम, डिप्टी सीएम और जिला प्रशासन से लगाई गुहार
पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ डिप्टी मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी इस मामले की शिकायत दी है। उन्होंने फॉर्च्यून मेटल्स लिमिटेड पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित किसान का बयान
पीड़ित किसान कुलेश्वर निषाद ने कहा,
“फॉर्च्यून मेटल्स लिमिटेड के प्रबंधन ने हमारी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। जब हमने इसका विरोध किया तो मेरी मां, पिता और भाई को जेल भिजवा दिया गया।”
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



