
High Court का बड़ा फैसला: 67 उप अभियंताओं की नियुक्ति रद्द
2011 की भर्ती में गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2011 में की गई सब-इंजीनियर (सिविल) भर्ती में पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 67 उप अभियंताओं की नियुक्तियों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें निरस्त कर दिया है।
शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने पर नियुक्ति शून्य
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों के पास आवेदन की अंतिम तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं थी, उनकी नियुक्ति प्रारंभ से ही शून्य मानी जाएगी। ऐसे मामलों में बाद में योग्यता प्राप्त करना मान्य नहीं होगा।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनाया निर्णय
यह महत्वपूर्ण फैसला मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और योग्यता संबंधी शर्तों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
रिट अपील पर हुआ अंतिम फैसला
यह निर्णय रवि तिवारी द्वारा दायर रिट अपील पर सुनाया गया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शालिक तिवारी ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नियुक्तियों को निरस्त करने का आदेश दिया।
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