
CSVTU में PHD शुल्क घोटाला उजागर
कनिष्ठ सलाहकार पर 9.44 लाख रुपये गबन का मामला दर्ज
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) में पीएचडी शोधार्थियों से शुल्क के नाम पर की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर थाना नेवई पुलिस ने पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी एवं गबन के आरोप में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
कुलसचिव की शिकायत पर हुई कार्रवाई
नेवई पुलिस ने बताया कि सीएसवीटीयू के प्रभारी कुलसचिव द्वारा 27 जनवरी को थाना नेवई में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन के अवलोकन एवं प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विश्वविद्यालय के पीएचडी पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क जमा कराने के नाम पर गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।

जांच समिति ने की गबन की पुष्टि
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी शुल्क रसीदें प्रदान कीं।
निजी खाते में भी कराई गई राशि ट्रांसफर
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ मामलों में शोधार्थियों से शुल्क की राशि आरोपी के निजी बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई थी। इससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ संस्थान की छवि को भी आघात पहुंचा है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
नेवई पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सुनील कुमार प्रसाद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 340(2), 316(2), 336(3), 338 सहित अन्य प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की जांच निरीक्षक अनिल साहू के नेतृत्व में की जा रही है।
अन्य संलिप्तता पर भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले के उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
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