
Durg में पुलिस अनुशासन पर सख्ती: प्रधान आरक्षक राम नारायण यदु को SSP ने किया लाइन अटैच
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासन और जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सुपेला थाना में तैनात प्रधान आरक्षक राम नारायण यदु को लगातार मिल रही शिकायतों और कई बार दी गई चेतावनियों के बावजूद सुधार न करने पर पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस में अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताई जा रही है।
शिकायतों और चेतावनियों का इतिहास
प्रधान आरक्षक राम नारायण यदु के खिलाफ सुपेला थाने और आसपास के इलाकों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें पुलिस मुख्यालय और SSP कार्यालय पहुंची थीं। इन शिकायतों में उनके अनुशासनहीन व्यवहार, ड्यूटी के दौरान लापरवाही, जनता के साथ असभ्य बर्ताव और अन्य कर्तव्य संबंधी खामियों का जिक्र था। SSP विजय अग्रवाल ने इन शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उन्हें सुधार के लिए कई बार मौखिक और लिखित चेतावनी जारी की थी। हालांकि, इन चेतावनियों का कोई असर नहीं हुआ और शिकायतें जारी रहीं।

तत्काल कार्रवाई और लाइन अटैच
SSP विजय अग्रवाल ने मामले की गहराई से जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक राम नारायण यदु को तत्काल प्रभाव से सुपेला थाने से लाइन अटैच कर दिया है। लाइन अटैच होने का मतलब है कि अब वे किसी भी फील्ड ड्यूटी या थाना कार्य में शामिल नहीं होंगे और विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें मुख्यालय या अन्य जगह पर संलग्न रखा जाएगा।
पुलिस प्रशासन का संदेश
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। SSP विजय अग्रवाल ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या अनुशासनहीनता पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखना, जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था की मजबूती है।
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