
Raipur: ई-रिक्शा एजेंसी के नाम पर 42.50 लाख की ठगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा इलाके में ई-रिक्शा एजेंसी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पड़ोसी ने कारोबारी बनने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 42.50 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने दो साल तक मामले को घुमाया और पैसे नहीं लौटाए। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ई-रिक्शा एजेंसी के नाम पर 42.50 लाख की ठगी
रायपुर के बूढ़ापारा निवासी पीड़ित रुपेश कुमार सोनी ने 2023 में कारोबार शुरू करने के लिए ई-रिक्शा एजेंसी लेने की इच्छा जाहिर की थी। उनके पड़ोसी ने एजेंसी दिलाने का वादा किया और इस बहाने कुल 42.50 लाख रुपये ले लिए। आरोपी ने पैसे लेकर लगातार बहाने बनाए और दो साल तक मामले को टालता रहा।
पड़ोसी ने कारोबारी बनने का दिया झांसा
पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए कहा कि वह एजेंसी आसानी से दिलवा सकता है और इससे अच्छा मुनाफा होगा। इस लालच में रुपेश कुमार सोनी ने पैसे दिए, लेकिन न तो एजेंसी मिली और न ही पैसे वापस हुए। आरोपी ने लगातार फोन पर बहाने बनाए और मिलने से भी टाला।

दो साल तक घुमाया, फिर शिकायत
ठगी के बाद पीड़ित ने कई बार पैसे मांगे, लेकिन आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आखिरकार, जब मामले में कोई प्रगति नहीं हुई तो रुपेश कुमार सोनी ने कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों के ठिकाने का पता लगाकर पूछताछ कर रही है और ठगी गई रकम की वसूली के प्रयास में जुटी है।
आरोप सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की ठगियां विश्वास के आधार पर होती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी बड़े सौदे से पहले दस्तावेजों की जांच करवाने की सलाह दी जाती है। मामला फिलहाल जांच के अधीन है।
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