
भारत में निपाह वायरस के दो मामले, WHO ने कहा— ‘घबराने की जरूरत नहीं’…
नई दिल्ली/कोलकाता। भारत में निपाह वायरस (NiV) के दो पुष्ट मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को स्थिति स्पष्ट की है। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि भारत में इस वायरस के बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा फिलहाल ‘कम’ है। इसी के साथ WHO ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों के आधार पर भारत के साथ यात्रा (Travel) या व्यापार (Trade) पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है।
नर्सों में मिला संक्रमण
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल की दो नर्सों (एक पुरुष और एक महिला) में निपाह वायरस की पुष्टि हुई है। ये दोनों स्वास्थ्य कर्मी दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में बीमार पड़े थे। इनमें से एक की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है। जांच में पाया गया कि ये संक्रमण अस्पताल में ही किसी मरीज के संपर्क में आने से फैला हो सकता है।

संपर्क ट्रेसिंग और स्वास्थ्य मंत्रालय की मुस्तैदी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन मरीजों के संपर्क में आए 196 लोगों की पहचान की। WHO के अनुसार, इन सभी संपर्कों की जांच की जा चुकी है और वे सभी ‘निगेटिव’ पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीजों ने लक्षण दिखने के दौरान कोई लंबी यात्रा नहीं की थी, जिससे वायरस के प्रसार का जोखिम सीमित रहा।
WHO की मुख्य टिप्पणियाँ:
भारत में निपाह वायरस को नियंत्रित करने की बेहतर क्षमता है, इसलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोखिम कम बना हुआ है। WHO ने देशों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट या व्यापारिक मार्गों पर कोई अतिरिक्त प्रतिबंध न लगाएं।: फिलहाल ‘ह्यूमन-टू-ह्यूमन’ (इंसान से इंसान) प्रसार के कोई बड़े प्रमाण नहीं मिले हैं।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह एक जानलेवा ज़ूनोटिक वायरस है जो मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों (Fruit Bats) से इंसानों में फैलता है। यह दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से भी फैल सकता है। इसका मृत्यु दर 40% से 75% तक होता है और वर्तमान में इसके लिए कोई टीका या विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है।
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