
लखनऊ: रिश्वत लेने के मामले में SSB के सीनियर अकाउंटेंट को 5 साल की सश्रम कैद, 1 लाख का जुर्माना
सीबीआई विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने अलीगंज, लखनऊ स्थित जोनल पे-एंड-अकाउंट ऑफिस के सीनियर अकाउंटेंट राम निवास वर्मा को रिश्वत लेने के दोषी करार देते हुए 5 साल की सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला बुधवार को सुनाया गया, जब अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया।
मामले की शुरुआत और शिकायत
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 2 जुलाई 2018 को मामला दर्ज किया था। शिकायत तीसरी बटालियन एसएसबी, लखीमपुर खीरी में तैनात एक कांस्टेबल (जीडी) की लिखित शिकायत पर आधारित थी। यह शिकायत एसएसबी के फोर्स हेडक्वार्टर, नई दिल्ली स्थित चीफ विजिलेंस ऑफिसर के माध्यम से सीबीआई को पहुंचाई गई थी।
शिकायतकर्ता कांस्टेबल ने आरोप लगाया था कि सीनियर अकाउंटेंट राम निवास वर्मा ने उसके बिल और भत्ते पास करने के एवज में 4,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

ट्रायल और चार्जशीट
सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद 31 अगस्त 2018 को राम निवास वर्मा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने 24 मई 2019 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए और नियमित सुनवाई शुरू हुई।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े ठोस साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। अदालत ने सभी गवाहों के बयान, दस्तावेज और अन्य सबूतों का गहन परीक्षण किया। अंत में अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया।
सजा और सीबीआई का बयान
विशेष सीबीआई अदालत ने राम निवास वर्मा को 5 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास की भी व्यवस्था की गई है।
सीबीआई ने इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का हिस्सा बताया है। एजेंसी का कहना है कि सरकारी पद पर बैठे अधिकारी द्वारा रिश्वत लेना जनता के विश्वास के साथ बड़ा विश्वासघात है और ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
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