
CBI-इंटरपोल की बड़ी कार्रवाई: तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों को मलेशिया डिपोर्ट किया गया
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), जो भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में कार्य करता है, ने इंटरपोल के सहयोग से एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है। मंगलवार (27 जनवरी 2026) को तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों को भारत से मलेशिया डिपोर्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई एनसीबी-नई दिल्ली और एनसीबी-कुआलालंपुर के बीच मजबूत समन्वय का नतीजा है।
रेड नोटिस जारी व्यक्तियों के नाम और आरोप
डिपोर्ट किए गए तीनों व्यक्ति हैं:
- श्रीधरन सुब्रमण्यम
- प्रतीफकुमार सेल्वराज
- नवींद्रन राज कुमारसन (या नवींद्रन राज कुमरासन)
मलेशियाई अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। इन पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें सामूहिक इरादे से गंभीर अपराध करके अवैध आर्थिक लाभ, शक्ति या प्रभाव हासिल करने का प्रयास शामिल है। ये व्यक्ति मलेशिया में एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य बताए जा रहे हैं।

घटना का क्रम और ऑपरेशन की जानकारी
ये तीनों व्यक्ति यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे थे, लेकिन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी और उन्हें रोक लिया गया।
इसके बाद, एनसीबी-कुआलालंपुर ने एनसीबी-नई दिल्ली से औपचारिक अनुरोध किया कि इन व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मलेशिया भेजने में सहयोग किया जाए। रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी 2026 को मुंबई पहुंची।
सीबीआई और अन्य संबंधित भारतीय एजेंसियों के समन्वय से पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई। तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से मलेशिया भेज दिया गया। यह ऑपरेशन इंटरपोल के मौजूदा सहयोग तंत्र के तहत हुआ।
भारत-मलेशिया सहयोग की मजबूती का प्रमाण
सीबीआई के अनुसार, यह सफल ऑपरेशन भारत और मलेशिया के बीच कानून प्रवर्तन क्षेत्र में मजबूत द्विपक्षीय सहयोग को दर्शाता है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित और ट्रांसनेशनल अपराध से निपटने में इंटरपोल की रेड नोटिस प्रणाली और सहयोग चैनलों की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।
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