March 4, 2026
भारतमाला प्रोजेक्ट में 40 करोड़ का ‘मुआवजा खेल’,  3 पटवारियों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश

भारतमाला प्रोजेक्ट में 40 करोड़ का ‘मुआवजा खेल’,  3 पटवारियों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश

Jan 24, 2026

रायपुर | छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (भारतमाला परियोजना) के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान हुए ₹40 करोड़ के मुआवजे घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को विशेष अदालत में तीन पटवारियों के खिलाफ प्रथम पूरक चालान पेश किया गया, जिसमें गबन के ऐसे-ऐसे तरीके बताए गए हैं जिन्हें जानकर सिर चकरा जाए।

घोटाले की ‘इनसाइड स्टोरी’: आखिर कैसे हुई इतनी बड़ी हेराफेरी?

जांच में सामने आया कि यह महज कागजी गलती नहीं, बल्कि डिमांड और ड्राफ्ट का एक शातिर नेटवर्क था। पटवारियों ने चार बड़े तरीकों से इस घोटाले को अंजाम दिया:

सबसे बड़ी हेराफेरी यह हुई कि जो जमीन पहले से ही शासन (सरकार) की थी, उसे रिकॉर्ड में हेरफेर कर ‘निजी’ घोषित किया गया। फिर उसी जमीन को भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए सरकार को ही ‘वापस’ बेचकर करोड़ों का मुआवजा उठा लिया गया।

नियमों के अनुसार, छोटी जमीन के टुकड़ों (उपखंडों) का मुआवजा दर अधिक होती है। पटवारियों ने बड़ी जमीनों को कागजों पर कई छोटे टुकड़ों में बांट दिया, जिससे मुआवजा राशि 5 से 10 गुना तक बढ़ गई। जैसे ही प्रोजेक्ट का रूट फाइनल हुआ, पटवारियों ने पुरानी तारीखों में जमीनों का बंटवारा और नामांतरण कर दिया, ताकि ‘खास’ लोगों को मुआवजे की लिस्ट में शामिल किया जा सके। असली जमीन मालिकों को अंधेरे में रखकर, मुआवजे का चेक ऐसे लोगों के नाम जारी कराया गया जिनका जमीन से कोई लेना-देना ही नहीं था।

आरोपियों का प्रोफाइल और ‘घोटाला मीटर’

ACB ने अपनी चार्जशीट में तीन मुख्य किरदारों की भूमिका स्पष्ट की है:

दिनेश पटेल (पटवारी, ग्राम नायकबांधा): इन्हें इस खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जा रहा है। इन्होंने रिकॉर्ड दुरुस्ती और आपत्ति निराकरण के नाम पर पद का दुरुपयोग किया और अकेले इनके क्षेत्र में ₹30.82 करोड़ का फर्जी भुगतान हुआ।

लेखराम देवांगन (पटवारी, ग्राम टोकरो): इन्होंने मूल खसरों के साथ छेड़छाड़ की। वास्तविक देय राशि की तुलना में रिकॉर्ड में इतनी बढ़ोत्तरी की कि शासन को ₹27.16 करोड़ की चपत लग गई।

बसंती घृतलहरे (पटवारी, ग्राम भेलवाडीह): इन्होंने अधिग्रहण के अंतिम चरण में अवार्ड राशि को प्रभावित करने के लिए कृत्रिम उपखंड बनाए, जिससे ₹1.67 करोड़ का नुकसान हुआ।

अब आगे क्या?

विशेष न्यायालय में चालान पेश होने के बाद अब इन लोकसेवकों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कड़ी धाराओं (409, 420, 467, 471, 120-बी) के तहत मुकदमा चलेगा। ACB का कहना है कि विवेचना अभी बंद नहीं हुई है; कई बिचौलिए, बैंक अधिकारी और मुआवजा प्राप्त करने वाले रसूखदार लोग अभी भी रडार पर हैं।

👉 हमारे WhatsApp group से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://chat.whatsapp.com/KoD8NZUKKtmFqIxvNmiCwx?mode=gi_t


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix