
Bilaspur फर्जी UPI ट्रांजेक्शन से क्लीनिक संचालिका की 15 हजार की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ ठगी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसा ही एक चालाकी भरा मामला बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक आरोपी ने फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट दिखाकर अंबिका क्लीनिक की संचालिका से कुल 15 हजार रुपये की ठगी की। सकरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जान-पहचान का फायदा उठाकर की ठगी
पुलिस के अनुसार, पीड़िता सुमन शुक्ला (38 वर्ष), पति बलराम तिवारी, निवासी परसुराम चौक, राज किशोर नगर (थाना सरकंडा), सकरी क्षेत्र में अंबिका क्लीनिक चलाती हैं। आरोपी सुधीर बरामते (27 वर्ष), पिता स्वर्गीय रामधर बरामते, निवासी दलदलिहापारा (थाना सकरी), नियमित रूप से अपने बच्चे के इलाज के लिए क्लीनिक आता था। इसी दौरान दोनों के बीच अच्छी जान-पहचान हो गई।

फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाकर बार-बार लिया पैसा
9 सितंबर 2025 को आरोपी क्लीनिक पहुंचा और दवाइयां लेकर 3,500 रुपये का भुगतान करने का झांसा दिया। उसने मोबाइल ऐप पर फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन दिखाया, लेकिन क्लीनिक में मरीजों की भीड़ के कारण पीड़िता ने तुरंत बैंक खाते की जांच नहीं की।
इसके बाद 10 से 17 सितंबर 2025 के बीच आरोपी ने अलग-अलग दिनों में 2,500, 2,000, 2,500, 3,500, 2,500 और 2,000 रुपये इसी तरह फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाकर वसूल लिए। कुल मिलाकर ठगी की राशि 15 हजार रुपये हो गई।
संदेह होने पर खुलासा
कई दिनों तक राशि खाते में न आने पर पीड़िता को शक हुआ। बैंक जाकर जांच करवाने पर पता चला कि कोई भी ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ था। 19 सितंबर 2025 को आरोपी फिर क्लीनिक आया और 1,000 रुपये मांगने लगा। पीड़िता ने पुराने भुगतानों के बारे में पूछा तो आरोपी ने ट्रांजेक्शन हिस्ट्री किसी अन्य के फोन में होने का बहाना बनाकर भाग गया।
इसके बाद पीड़िता ने थाना सकरी में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गठित की विशेष टीम, आरोपी ने किया अपराध कबूल
अपराध क्रमांक 678/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी ने विशेष टीम बनाई।
टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने पूरी ठगी कबूल ली। घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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