
तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: डिप्टी कलेक्टर के घरों पर ACB की छापेमारी
तेलंगाना के हनुमाकोंडा जिले में डिप्टी कलेक्टर (अतिरिक्त कलेक्टर) ए. वेंकट रेड्डी के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को राज्य भर में 8 से 10 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ। जांच में अब तक लगभग 8 करोड़ 30 लाख रुपये की बेहिसाब संपत्ति की पहचान हुई है, जिसमें नकद, सोना, आभूषण और कई महंगी प्रॉपर्टी शामिल हैं।

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे
वेंकट रेड्डी को दिसंबर 2025 में ACB ने रंगे हाथों पकड़ा था। तब वे इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) के पद पर थे और एक प्राइवेट स्कूल को परमिशन/लाइसेंस रिन्यू करने के बदले 60,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उसी दिन उनके घर पर भी छापा मारा गया था, जहां 30 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद हुआ था।

छापेमारी में मिला नोटों का पहाड़ और सोना
21 जनवरी 2026 को ACB ने 8 स्पेशल टीमों के साथ हैदराबाद की रॉक टाउन कॉलोनी, मंचिरेवुला, भोंगिर, सरूरनगर और अन्य जगहों पर छापे मारे। तलाशी के दौरान:
- करीब 30 लाख रुपये नकद
- बैंक में 44 लाख रुपये बैलेंस
- 297 ग्राम सोना (लगभग 4.35 लाख रुपये मूल्य का)
- घरेलू सामान और तीन चार-पहिया वाहन (करीब 51 लाख रुपये मूल्य के)
इसके अलावा, अचल संपत्तियां भी जब्त की गईं, जिनमें मंचिरेवुला में 6 करोड़ रुपये का विला, भोंगिर में फार्महाउस और सरूरनगर में एक घर शामिल है। कुल मिलाकर अवैध संपत्ति का मूल्य 7.69 करोड़ से 8.30 करोड़ रुपये तक आंका गया है, जो बाजार मूल्य में और अधिक हो सकता है।
पुराने मामलों में भी लगे आरोप
जांच में पता चला है कि वेंकट रेड्डी 2008 से ही अवैध तरीके से संपत्ति जमा कर रहे थे। 2016-2017 में नेशनल हाईवे स्कीम के तहत किसानों को मिलने वाले मुआवजे में गड़बड़ी के आरोप भी उन पर हैं। ACB का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।
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