
बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, लापरवाही के आरोप में कार्रवाई
MZ विजटाउन प्लानर्स के डायरेक्टर पर नेग्लिजेंस का केस, SIT जांच तेज
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात हुई दर्दनाक घटना ने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया है। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन साइट के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई थी, जिसमें वे डूबकर मृत्यु को प्राप्त हो गए। इस मामले में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अभय कुमार MZ विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं, जिसके प्लॉट पर यह खतरनाक गड्ढा खोदा गया था और कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी।

हादसे का पूरा घटनाक्रम
युवराज मेहता गुरुग्राम में एक आईटी कंपनी में कार्यरत थे और हाइब्रिड वर्क के तहत ज्यादातर घर से काम करते थे। 16 जनवरी की रात करीब 11:45 बजे वे ऑफिस से घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण कार का नियंत्रण खो गया और वह सड़क के किनारे एक 20 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई, जो मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था। गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं था।
कार आंशिक रूप से डूबी होने पर युवराज कार की छत पर चढ़ गए और अपने पिता को फोन कर मदद मांगी। वे लगभग 90 मिनट (करीब दो घंटे) तक चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन सरकारी तंत्र की ओर से कोई गोताखोर पानी में नहीं उतरा। रात 12:06 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना मिली, 12:25 बजे दमकल वाहन पहुंचे। तड़के 3:30-4:00 बजे के बीच SDRF टीम पहुंची, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक स्थानीय व्यक्ति ने रस्सी बांधकर 50 मीटर तक पानी में गोता लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बचाव में देरी और सिस्टम की सुस्ती
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड मौजूद होने के बावजूद प्रभावी रेस्क्यू नहीं हुआ। हादसे के चार दिन बाद भी कार को बाहर नहीं निकाला जा सका था, हालांकि बाद में NDRF टीम ने इसे बरामद कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एस्फिक्सिया (दम घुटने) और एंटीमोर्टम डूबने के कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।
एसआईटी जांच और प्रशासनिक एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है, मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। SIT टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और दो घंटे तक मदद न मिलने के कारणों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने पर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
लापरवाही के आरोप
परिजनों का कहना है कि अगर निर्माण साइट पर सुरक्षा के उचित इंतजाम होते, तो यह हादसा रोका जा सकता था। FIR में MZ विजटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच में अभय कुमार की भूमिका पुष्ट होने पर उन्हें हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया और कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अन्य सह-मालिक मनिश कुमार की तलाश जारी है।
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