
ED ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की ₹140 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं, चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। साथ ही, अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके संचालित अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत विशेष अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। यह कार्रवाई दिल्ली के लाल किले इलाके में 10 नवंबर 2025 को हुए आतंकी विस्फोट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान हुई है।
संपत्तियों में शामिल 54 एकड़ जमीन और यूनिवर्सिटी परिसर
ईडी ने PMLA के प्रावधानों के तहत अंतरिम आदेश जारी कर फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी की 54 एकड़ भूमि, यूनिवर्सिटी की मुख्य इमारतें, विभिन्न स्कूलों-विभागों की बिल्डिंग्स और छात्रावासों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य 139.97 करोड़ रुपये से 140 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है। ईडी ने इन्हें “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) की श्रेणी में रखा है।

छात्रों के साथ धोखाधड़ी का आरोप, 415 करोड़ की अवैध कमाई का दावा
जांच में पाया गया है कि जवाद अहमद सिद्दीकी के निर्देशन में यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट ने UGC मान्यता और NAAC मान्यता को लेकर झूठे दावे किए। यूनिवर्सिटी ने खुद को पूर्ण रूप से UGC मान्यता प्राप्त बताया, जबकि यह केवल सेक्शन 2(f) के तहत पंजीकृत थी और सेक्शन 12(B) के योग्य नहीं थी। इस धोखाधड़ी से छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर 2018 से 2025 के बीच कम से कम 415.10 करोड़ रुपये की फीस और अन्य शुल्क वसूले गए।
ईडी ने आगे आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के फंड को सिद्दीकी परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों में रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के जरिए डायवर्ट किया गया। इसमें हॉस्टल कैटरिंग, निर्माण कार्य और अन्य सेवाएं परिवार की फर्मों को दी गईं।
लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा मामला, सिद्दीकी नवंबर 2025 से जेल में
यह पूरा मामला 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी। विस्फोट करने वाला उमर-उन-नबी नामक व्यक्ति अल फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था। जांच के दौरान ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का खुलासा हुआ, जिसमें अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर और लोग शामिल पाए गए।
ईडी ने 18 नवंबर 2025 को जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
आगे की कार्रवाई
ईडी ने आरोप-पत्र में सिद्दीकी और ट्रस्ट को अभियुक्त बनाया है और उनके खिलाफ PMLA के तहत मुकदमा चलाने की मांग की है। संपत्तियों के अंतिम कुर्क होने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर यूनिवर्सिटी परिसर का प्रबंधन संभाल सकता है। यह मामला अब विशेष PMLA अदालत में सुनवाई के लिए लंबित है।
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