
स्मृति नगर थाने के मामले में High Court सख्त,DGP से मांगा गया व्यक्तिगत शपथपत्र, अदालत ने जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग जिले के स्मृति नगर पुलिस चौकी से जुड़े एक गंभीर मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश एक ट्रांसपोर्टर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों पर मारपीट, हथकड़ी लगाकर घुमाने और बिना कोर्ट आदेश जेल में रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जमानत सुनवाई में पुलिस की मौजूदगी पर सवाल
हाईकोर्ट ने स्मृति नगर चौकी प्रभारी की जमानत सुनवाई के दौरान बिना अनुमति अदालत में मौजूद रहने पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह प्रथम दृष्टया न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप का प्रयास प्रतीत होता है। ऐसे में डीजीपी को अपने शपथपत्र में चौकी प्रभारी के आचरण, न्यायिक मजिस्ट्रेट की टिप्पणियों और अदालत में मौजूदगी के कारणों का स्पष्ट विवरण देना होगा।

अगली सुनवाई में एडवोकेट जनरल की मौजूदगी के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख पर राज्य के एडवोकेट जनरल को स्वयं उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही आदेश की प्रति तत्काल डीजीपी को भेजने को कहा गया है ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह आदेश 13 जनवरी को पारित किया गया, जबकि अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
पीवीआर सिनेमा में विवाद से शुरू हुआ मामला
अक्टूबर 2025 में सुजीत साव साव परिवार के साथ सूर्या मॉल के पीवीआर सिनेमा में फिल्म देखने पहुंचे थे। इसी दौरान दुर्ग की एक महिला ने सुजीत पर अश्लील व्यवहार का आरोप लगाया। आरोप के बाद विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर सुजीत साव व उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने महिला और उसके परिजनों के साथ मारपीट की।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सुजीत साव सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद सभी के साथ थाने में मारपीट की गई। इसके बाद शाम करीब 6 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट में पिटाई की शिकायत
कोर्ट में पेशी के दौरान सुजीत साव और अन्य आरोपियों ने न्यायालय को बताया कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई है। इस पर कोर्ट ने मेडिकल परीक्षण कराने के बाद सभी को जेल भेजने का आदेश दिया।
कोर्ट में सामने आए चोट के निशान
कोर्ट में पेशी के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने मारपीट का हवाला देते हुए शारीरिक परीक्षण की मांग की। जब कोर्ट ने शरीर पर चोट के निशान देखे तो नाराजगी जाहिर की और इसके बाद सुजीत साहू को जमानत प्रदान की गई।
7 पुलिस अधिकारियों को बनाया गया पक्षकार
नोटिस जारी, दस्तावेज पेश करने के निर्देश
याचिकाकर्ता ने स्मृति नगर चौकी प्रभारी गुरविंदर सिंह सहित DSP सत्यप्रकाश तिवारी, हरीश सिंह, धर्मशील यादव, आत्मानंद कोसरे, कौशलेंद्र सिंह और हर्षित शुक्ला को पक्षकार बनाया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवध त्रिपाठी पैरवी कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने सभी सातों पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और संबंधित दस्तावेज व सामग्री प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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