
प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही, 32 पंचायत सचिवों का वेतन रोका गया
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने सख्त कार्रवाई की है। भरतपुर, खड़गवां और मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायतों में कार्यरत 32 पंचायत सचिवों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
योजना के क्रियान्वयन में पाई गई शिथिलता
जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली महत्वाकांक्षी योजना है। इसके बावजूद कई पंचायतों में न्यूनतम प्रगति और लगातार ढिलाई पाई गई, जिसके चलते यह कार्रवाई करना आवश्यक हो गया।

समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
सीईओ ने सभी पंचायत सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवास निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्य की सतत निगरानी, जियो टैगिंग की प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार किश्तों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
असंतोषजनक प्रगति वाली पंचायतों पर विशेष फोकस
जिन पंचायतों में योजना की प्रगति असंतोषजनक पाई गई है, वहां युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि अब किसी भी प्रकार की बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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