
Jharkhand में हाथी का आतंक: झोपड़ियों पर हमला, बच्चों-महिलाओं समेत 7 की दर्दनाक मौत
झारखंड। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बेकाबू हाथी ने एक बार फिर कहर बरपाते हुए इंसानी जानें ले लीं। नोवामुंडी प्रखंड के बाबाडिया गांव में हाथी के हमले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत कुल सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।

झोपड़ी पर हमला, परिवार तबाह
जानकारी के मुताबिक, बीती रात हाथी ने खलिहान के पास बनी झोपड़ी पर हमला कर दिया। इस हमले में 53 वर्षीय सनातन मेराल, उनकी 51 वर्षीय पत्नी जोलको कुई, 6 वर्षीय पुत्र मंगडू मेराल और 8 वर्षीय पुत्री दमयंती मेराल की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के 10 वर्षीय सुशीला और 14 वर्षीय जयपाल किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
दूसरे गांव में भी ली जान
इसके बाद हाथी गांव के दूसरे हिस्से में पहुंचा, जहां झोपड़ी में सो रहे 21 वर्षीय गुरुचरण को सूंड़ से पटककर मार डाला। इस हमले में तीन अन्य लोग घायल हो गए। वहीं, बड़ापासेया गांव में भी हाथी ने एक व्यक्ति को सूंड़ से पकड़कर दूर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
एक हफ्ते में 17 लोगों की मौत
बताया जा रहा है कि यह बेकाबू हाथी पिछले एक सप्ताह में अब तक 17 लोगों की जान ले चुका है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
वन विभाग की टीम तैनात, फिर भी हाथी काबू से बाहर
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है, लेकिन हाथी को काबू में करने में अब तक सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार, बांकुड़ा से 20 सदस्यीय टीम, ओडिशा से विशेषज्ञ और गुजरात के वनतारा से प्रशिक्षित दल को झारखंड बुलाया गया है।

रेल यातायात भी प्रभावित
हाथियों की बढ़ती आवाजाही का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है। चक्रधरपुर रेल मंडल ने 7 से 9 जनवरी तक 12 मेमू ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। इससे पहले दिसंबर में भी कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं।
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