
कर्नाटक-तमिलनाडु में 1464 करोड़ के GST फ्रॉड का भंडाफोड़, बिहार और झारखंड से लिंक
बेंगलुरु, 6 जनवरी 2026: कर्नाटक के वाणिज्य कर विभाग ने एक बड़े अंतरराज्यीय GST धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट कर्नाटक और तमिलनाडु में सक्रिय था, जिसमें फर्जी इनवॉइस के जरिए 1464 करोड़ रुपये के लेन-देन दिखाए गए। इससे सरकार को करीब 355 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का नुकसान हुआ, बिना किसी वास्तविक माल की आवाजाही के। इस ऑपरेशन का नेतृत्व जमशेदपुर मूल के युवा IAS अधिकारी कनिष्क शर्मा ने किया, जिन्होंने अपनी कुशलता से इस बड़े घोटाले को उजागर किया।

1464 करोड़ के फर्जी लेन-देन का खुलासा
कर्नाटक वाणिज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा (दक्षिण क्षेत्र) ने उन्नत GST एनालिटिक्स सिस्टम और विभाग के इन-हाउस नॉन-जेन्युइन टैक्सपेयर्स (NGTP) मॉड्यूल की मदद से इस रैकेट का पता लगाया। जांच में IP एड्रेस ट्रेल्स से संदिग्ध बिलिंग पैटर्न और सर्कुलर ITC फ्लो का खुलासा हुआ।
रैकेट मुख्य रूप से सीमेंट, लोहा-इस्पात और अन्य निर्माण सामग्री से जुड़ा था। फर्जी कंपनियां बनाकर इनवॉइस जारी किए जाते थे, जिससे ITC का दुरुपयोग होता था। जांच में फर्जी दस्तावेज जैसे ऑनलाइन खरीदे स्टैंप पेपर, नकली किराया समझौते, जाली हस्ताक्षर और नकली नोटरी स्टैंप का इस्तेमाल पाया गया। ITC का लाभ लेने के बाद ये फर्में GST रजिस्ट्रेशन कैंसल करवा लेती थीं।
चार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
तमिलनाडु वाणिज्य कर विभाग के सहयोग से पहली बार अंतरराज्यीय समन्वित कार्रवाई में बेंगलुरु, चेन्नई, वेल्लोर और पेरनमपट्टू में छापेमारी की गई। इस दौरान मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव, बैंक स्टेटमेंट और कई शेल कंपनियों के रबर स्टैंप जब्त किए गए।
चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनमें तमिलनाडु के दो भाई इरबाज अहमद और नफीज अहमद शामिल हैं। इनके द्वारा ट्रायॉन ट्रेडर्स, वंडर ट्रेडर्स, रॉयल ट्रेडर्स और गैलेक्सी एंटरप्राइजेस जैसी फर्जी फर्में बनाई गई थीं। अन्य दो आरोपी बेंगलुरु के एड्डाला प्रताप और एक महिला हैं। सभी को बेंगलुरु की आर्थिक अपराधों की विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच जारी है और और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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