
Durg: रेफर के दौरान महिला की मौत, श्रेया अस्पताल का लाइसेंस निरस्त
दुर्ग, 4 जनवरी 2026। धमधा थाना क्षेत्र के श्रेया अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक पांडे और प्रबंधक मनीष राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर भी समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया।

परिजनों का आरोप: अधूरे उपकरणों वाली एंबुलेंस से रेफर किया
परिजनों के अनुसार, महिला का ऑपरेशन होने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने समय पर उचित इलाज प्रदान नहीं किया। गंभीर स्थिति में महिला को बिना डॉक्टर के और अधूरे उपकरणों वाली एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। रेफर के दौरान इलाज में ही महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इसे अस्पताल की घोर लापरवाही बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की शिकायत मिलने के बाद धमधा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक पांडे और प्रबंधक मनीष राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई शिकायत के आधार पर की जाएगी।
अधिवक्ताओं ने दर्ज धाराओं पर जताई आपत्ति
इस मामले में स्थानीय अधिवक्ताओं ने पुलिस द्वारा दर्ज की गई धाराओं पर गंभीर आपत्ति जताई है। वकीलों का कहना है कि पुलिस ने मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि यह घटना छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा संस्थान (नियमन तथा नियंत्रण) अधिनियम, 2010 के तहत गंभीर आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आती है।
अधिनियम की धारा 13 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी चिकित्सा संस्थान में लापरवाहीपूर्ण उपचार से मरीज की हालत बिगड़ती है या मौत होती है, तो संस्थान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बिना पर्याप्त संसाधनों, डॉक्टर और जीवन रक्षक उपकरणों के मरीज को रेफर करना अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
वकीलों ने धारा 7(1) का हवाला देते हुए कहा कि पीड़ित पक्ष को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज करने और आपराधिक कार्रवाई का अधिकार है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस द्वारा गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
अस्पताल का लाइसेंस निरस्त
लापरवाही के इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर श्रेया अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम की धारा 13 के तहत की गई है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और मानक उपचार की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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