
Bilaspur: New Year सेलिब्रेशन की आड़ में धर्मांतरण की कोशिश नाकाम, पास्टर के खिलाफ केस दर्ज
बिलासपुर, 2 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने आयोजित भोज और प्रार्थना सभा में धर्मांतरण कराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हिंदूवादी संगठनों ने पास्टर का वीडियो बनाया, जिसमें वह मौजूद लोगों को 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिला रहे हैं। घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने पास्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों को ईसाई बनाने का आरोप
हिंदू संगठन के लोगों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और अन्य लाभ का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। ग्राम जोंधरा निवासी सुखनंदन लहरे खुद ईसाई धर्म मानते हैं और पास्टर बनकर गांव के लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहे थे।

न्यू ईयर पर घर में आयोजित भोज और प्रार्थना सभा
न्यू ईयर के अवसर पर सुखनंदन लहरे ने अपने घर में भोज और प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। सभा में पास्टर ने सभी को साल 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाई, जिसका वीडियो हिंदूवादी संगठनों ने बना लिया।
हिंदू संगठनों की सतर्कता से साजिश का पर्दाफाश
हिंदूवादी संगठनों को सूचना मिलते ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर पास्टर से शपथ दिलवाई और वीडियो बनाया। इसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पचपेड़ी थाने में पास्टर सुखनंदन लहरे के खिलाफ धर्मांतरण संबंधी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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