
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की बड़ी उपलब्धि: 2025 में 8,638 लंबित मामलों में कमी, निपटान दर 115% से अधिक
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वर्ष 2025 में न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाते हुए लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। यह उपलब्धि त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय के प्रति हाईकोर्ट की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन में हाईकोर्ट ने “न्याय में देरी, न्याय से वंचना” की सोच को आत्मसात करते हुए मामलों के शीघ्र और प्रभावी निराकरण** पर विशेष जोर दिया। इसके लिए नीतिगत दिशा-निर्देश, सतत निगरानी और न्याय वितरण प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।

पुराने मामलों का ज्यादा किया गया समाधान
आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट में 84,305 मामले लंबित थे। वर्ष 2025 के दौरान 55,416 नए प्रकरण दर्ज हुए, जबकि 64,054 मामलों का निपटारा किया गया। इसके परिणामस्वरूप साल के अंत तक लंबित मामलों में 8,638 की कमी आई, जो करीब 10.25 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। खास बात यह रही कि वर्ष 2025 में निराकरण दर 115.59 प्रतिशत रही, यानी नए मामलों से ज्यादा पुराने मामलों का समाधान किया गया।
हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



