
रायपुर सूटकेस हत्याकांड: दिल्ली में पकड़े गए आरोपी, पूर्वनियोजित थी हत्या
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। एक ट्रंक में युवक की लाश मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा ब्रेकथ्रू हासिल किया है। दिल्ली पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी अंकित उपाध्याय और उनकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान रायपुर निवासी किशोर पैकरा के रूप में हुई है। यह हत्या पूरी तरह पूर्वनियोजित थी, और शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से काम किया।
हत्या के बाद शव को सूटकेस में सीमेंट से जमाया
रायपुर पुलिस की जांच में सामने आया कि किशोर पैकरा की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई। इसके बाद, सबूत मिटाने के लिए शव को पहले लाल रंग के सूटकेस में डाला गया, फिर उस पर सीमेंट का मोटा प्लास्टर चढ़ाकर जमा दिया गया।सूटकेस को स्टील के ट्रंक में बंद कर डीडी नगर थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2 के सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। यह पूरी घटना मेरठ में दो महीने पहले हुए सौरभ हत्याकांड की याद दिलाती है, जहां शव को ड्रम में सीमेंट डालकर ठिकाने लगाया गया था।
सीसीटीवी फुटेज और ट्रंक खरीदारी से मिला सुराग
रायपुर पुलिस को इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग गोलबाजार की पेटी लाइन से मिला। ट्रंक पर ‘हब्बू भाई’ नाम लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने दुकानदार शब्बीर से पूछताछ की।

दुकानदार ने बताया कि 22 जून को सुबह 11:30 से 12:30 के बीच एक युवक और युवती ने ट्रंक खरीदा था। सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी ट्रंक खरीदते और एक स्कूटी पर जाते हुए दिखाई दिए। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंकित उपाध्याय और शिवानी शर्मा की पहचान की।
फर्जी नंबर प्लेट वाली ऑल्टो कार और स्कूटी बरामद
पुलिस ने जांच के दौरान उस ऑल्टो कार को भी बरामद किया, जिसमें शव को ठिकाने लगाने के लिए ले जाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, जो एक सेंट्रो कार की थी। इसके अलावा, स्कूटी जिस पर आरोपी ट्रंक खरीदने गए थे, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि हत्या और शव को ठिकाने लगाने की योजना पहले से बनाई गई थी।
पैसे के लेनदेन का विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक किशोर पैकरा और आरोपी अंकित उपाध्याय के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था। अंकित, जो पेशे से वकील है और रायपुर में प्रैक्टिस करता है, ने अपनी पत्नी शिवानी शर्मा के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। कुछ सूत्रों का दावा है कि यह विवाद जमीन सौदे से भी जुड़ा हो सकता है। हालांकि, हत्या के सटीक मकसद का खुलासा पूछताछ के बाद ही होगा।
दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, रायपुर लाए जाएंगे आरोपी
हत्या के बाद दोनों आरोपी रायपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर दिल्ली भाग गए थे। रायपुर पुलिस के आग्रह पर दिल्ली पुलिस और CISF की मदद से अंकित और शिवानी को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। रायपुर पुलिस की एक तीन सदस्यीय टीम दोनों आरोपियों को रायपुर लाने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है। रायपुर के SSP लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
पूर्वनियोजित हत्या ने मचाई सनसनी
यह हत्याकांड पूरी तरह से पूर्वनियोजित था, जैसा कि शव को ठिकाने लगाने की विधि और फर्जी नंबर प्लेट जैसे साक्ष्यों से स्पष्ट होता है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने भी इसकी पुष्टि की कि हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। इस घटना ने रायपुर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, और सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
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