
अरावली बचाने केंद्र का बड़ा फैसला, दिल्ली से गुजरात तक नई माइनिंग लीज पर पूरी तरह रोक
नई दिल्ली। अरावली पर्वतमाला को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए केंद्र ने अरावली रेंज में नई माइनिंग लीज देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में लागू रहेगा।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत नई नीति तैयार होने तक किसी भी नई खनन अनुमति पर रोक जारी रहेगी। मंत्रालय ने कहा है कि अरावली इकोसिस्टम की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मौजूदा खदानों पर भी बढ़ेगी निगरानी
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में संचालित खदानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन गतिविधियां केवल सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही हों।
वैज्ञानिक मैनेजमेंट प्लान के बाद ही मिलेगी अनुमति
मंत्रालय ने कहा है कि जब तक अरावली रेंज के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आधारित मैनेजमेंट प्लान फॉर सस्टेनेबल माइनिंग (MPSM) तैयार नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस प्लान में प्रतिबंधित क्षेत्रों और संभावित खनन क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान की जाएगी।

केंद्र पर लग रहे आरोपों के बीच अहम फैसला
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अरावली की नई परिभाषा को लेकर केंद्र सरकार पर खनन को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जा रहे थे। सरकार के इस निर्देश को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। अरावली पर्वतमाला देश के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद अहम मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भूजल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता को मजबूती मिलेगी।
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