
शिक्षक…सड़क समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, 200 से ज्यादा लोगों ने हाइवे पर किया चक्काजाम
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। उदंती-सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में स्थित साहेबीन कछार गांव के 200 से अधिक ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे-130C पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों समेत भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं वर्षों से उपेक्षित हैं। ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम के नेतृत्व में यह धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। मौके पर इंदागांव पुलिस पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं।
8 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखी हैं—
1️⃣ बम्हनीझोला से ओडिशा सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण।
2️⃣ इंदागांव में स्थानांतरित आदिवासी कन्या छात्रावास और कन्या शाला को साहेबीन कछार में पुनः संचालित कर भवन निर्माण।
3️⃣ सभी विद्युतविहीन ग्रामों में शीघ्र विद्युतीकरण।
4️⃣ मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत अधूरे शाला भवनों को पूर्ण किया जाए।
5️⃣ माध्यमिक शाला साहेबीन कछार में नियुक्त लेकिन अनुपस्थित शिक्षक को तत्काल पदस्थ किया जाए।
6️⃣ ग्राम साहेबीन कछार में लगे जियो टॉवर को चालू किया जाए।
7️⃣ उप-स्वास्थ्य केंद्र करलाझार में बिजली और नल-जल सुविधा शुरू की जाए।
8️⃣ अधूरी नल-जल योजनाओं को दोबारा चालू किया जाए।

आश्वासन मिले, काम नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक ने कहा कि हर स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे मजबूर होकर अब आर-पार की लड़ाई का रास्ता अपनाया गया है।
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