मार्च 2026 में नक्सलवाद का खात्मा: आजादी के बाद ऐतिहासिक क्षण होगा – अमित शाह
रायपुर, 23 जून 2025:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद के खतरे से मुक्ति मिलना आजादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे के दौरान नवा रायपुर में सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के साहस और समर्पण की सराहना की। शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा, और यह उपलब्धि स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी।
सुरक्षा बलों का साहस और समर्पण
नवा रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शाह ने नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, कोबरा टीमों, छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के कमांडरों और जवानों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, “हमारे जवानों का साहस और धैर्य दुनिया भर के सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा है।

मुझे पूरा भरोसा है कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद का अंत हो जाएगा।” शाह ने विशेष रूप से पिछले महीने बस्तर में माओवादी के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू की हत्या वाले अभियान में शामिल जवानों की प्रशंसा की।
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान
जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने विभिन्न मुठभेड़ों में 400 से अधिक माओवादियों को मार गिराया है। सबसे उल्लेखनीय सफलता 21 मई 2025 को बस्तर में माओवादी नेता बसवराजू के खिलाफ अभियान रहा। शाह ने कहा कि इन अभियानों ने माओवादियों के ठिकानों को नष्ट कर उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता और बलिदान ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत की नींव रखी है।
बच्चों के हाथों में किताबें, बंदूकें नहीं
शाह ने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं के साथ मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की।

उन्होंने लिखा, “जिन मासूम बच्चों के हाथों में माओवादियों ने कभी बंदूकें थमाई थीं, आज उन हाथों में किताबें हैं। जब बच्चा बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का, बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है।” यह बयान माओवादी क्षेत्रों में शिक्षा और विकास के प्रयासों को रेखांकित करता है।
नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा के समन्वित प्रयासों ने माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र सिकुड़ दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं। शाह ने यह भी आश्वासन दिया कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
आजादी के बाद ऐतिहासिक क्षण
शाह ने अपने संबोधन में बार-बार जोर दिया कि मार्च 2026 में नक्सलवाद का खात्मा देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा, “यह आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होगा, जब भारत नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हो जाएगा। इस जीत की गाथा में हमारे जवानों का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।” उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए और अधिक दृढ़ता के साथ काम करने का आह्वान किया।
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