
पार्टी-इवेंट और फार्महाउस कल्चर से 7 दिनों में 325 करोड़ की जीएसटी चोरी का अंदेशा
नए साल के जश्न के नाम पर छत्तीसगढ़ में पार्टी-इवेंट और फार्महाउस कल्चर तेजी से बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ सात दिनों के भीतर करीब 325 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर आयोजनों की तैयारी चल रही है, लेकिन जीएसटी नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हजारों पार्टियों का आयोजन, मोटी एंट्री फीस
प्रदेशभर में नए साल के मौके पर 15 हजार से अधिक पार्टियों और इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों द्वारा 5 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक एंट्री फीस वसूली जा रही है। इसके बावजूद अधिकांश आयोजनों में जीएसटी का सही तरीके से भुगतान नहीं होने की बातें सामने आ रही हैं।

फार्महाउस और रिसॉर्ट बने जीएसटी चोरी का अड्डा
फार्महाउस, रिसॉर्ट, होटल और क्लब नए साल की पार्टियों के लिए 5 लाख से 20 लाख रुपये तक में बुक किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन बुकिंग्स पर जीएसटी चुकाया जा रहा है या नहीं, इसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं दिख रहा। न तो संबंधित विभाग सक्रिय नजर आ रहे हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी हस्तक्षेप कर रहे हैं।
सेलेब्स और बाहरी मेहमानों की भीड़
इंटरटेनमेंट के नाम पर सेलेब्स का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं। आयोजकों द्वारा देश-विदेश से मेहमानों को बुलाया जा रहा है। आकर्षक साज-सज्जा, डांस पार्टी और कथित तौर पर नशे से जुड़ी गतिविधियों की भी खबरें सामने आ रही हैं, जिससे अवैध कमाई और कर चोरी की आशंका और बढ़ गई है।
जीएसटी विभाग की उदासीनता पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी चोरी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह उदासीनता समझ से परे है और इससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होने की संभावना है।
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