
पासपोर्ट नवीनीकरण पर Supreme Court का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि किसी आरोपी या दोषी को संबंधित अदालत से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल जाता है, तो सरकार उसका पासपोर्ट नवीनीकरण करने से इनकार नहीं कर सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य की शक्ति और व्यक्ति की गरिमा के बीच संतुलन बनाए रखना संविधान की मूल भावना है।
अदालत से NOC मिलने पर नहीं रोका जा सकता पासपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि कोई व्यक्ति आरोपी या दोषी है, उसका पासपोर्ट नवीनीकरण रोकना उचित नहीं है, बशर्ते संबंधित अदालत ने उसे NOC प्रदान की हो।

विदेश यात्रा पर शर्तें लागू हो सकती हैं
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नवीनीकरण के साथ यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि व्यक्ति को विदेश यात्रा से पहले अदालत की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इससे न्यायिक प्रक्रिया और जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
संविधान की भावना पर जोर
शीर्ष अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि राज्य की शक्ति और व्यक्ति की गरिमा के बीच संतुलन बनाए रखना संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की रक्षा उतनी ही आवश्यक है जितनी कानून व्यवस्था बनाए रखना।
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