
खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, छत्तीसगढ़ देश में 5वें स्थान पर
8 महीनों में 294 विक्रेताओं को नोटिस
देशभर में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत स्थानों पर सप्लाई के खिलाफ कार्रवाई जारी है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ इस मामले में देश में पांचवें स्थान पर है। 1 अप्रैल से 28 नवंबर 2025 के बीच राज्य में खाद की कालाबाजारी को लेकर 294 खाद विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

13 लाइसेंस रद्द, 4 मामलों में FIR
कार्रवाई के दौरान नियमों के उल्लंघन पर 13 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। वहीं गंभीर अनियमितताओं के 4 मामलों में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लोकसभा में केंद्र सरकार ने पेश किए आंकड़े
केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विधानसभा सत्र में उठा मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
प्रशासन का सख्त रुख
राज्य सरकार और प्रशासन ने दोहराया है कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए निरीक्षण और छापेमारी आगे भी जारी रहेगी। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर और सही दाम पर खाद उपलब्ध हो सके।
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