
बायसन शिकार मामले में सख्त एक्शन: दो आरोपी गिरफ्तार, बीट गार्ड निलंबित
कवर्धा। जिले में सामने आए दो बायसन के शिकार के मामले में वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं विभागीय लापरवाही मानते हुए संबंधित क्षेत्र के बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले का खुलासा वन मंडल अधिकारी (DFO) निखिल अग्रवाल ने डिवीजन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।

करंट की चपेट में आकर हुई थी बायसन की मौत
डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को कवर्धा वन परिक्षेत्र के बोकरखार जंगल, बीट क्रमांक 47 में दो बायसन के मृत पाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करंट लगाकर बायसन का शिकार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
डॉग स्क्वायड की मदद से जीजा-साला गिरफ्तार
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। जांच के बाद दसरु और कुंवर सिंह (जीजा-साला) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से
- करंट लगाने में प्रयुक्त GI तार
- कुल्हाड़ी
- पूर्व में शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस
- दांत और मोर के पैर
बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

विभागीय लापरवाही पर गिरी गाज
इस पूरे मामले में वन विभाग ने जिम्मेदारी तय करते हुए बीट गार्ड अनिल राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीएफओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इससे पहले 21 नवंबर को चिल्फी वन परिक्षेत्र के बाहनाखोदरा बीट क्रमांक 333 में भी एक सप्ताह के भीतर दो बायसन का शिकार किया गया था। उस मामले में साल्हेवारा के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। साथ ही उस प्रकरण में चिल्फी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू की गई थी।
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