
RTE नियमों में बड़ा बदलाव, निजी स्कूलों में अब पहली कक्षा से ही मिलेगा दाखिला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब बीपीएल और पात्र वर्ग के बच्चों का दाखिला सीधे कक्षा पहली में होगा, जबकि नर्सरी और केजी (एंट्री क्लास) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। यह नई व्यवस्था आगामी शिक्षा सत्र से लागू होगी।

शिक्षा विभाग द्वारा किए गए इस बदलाव को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने आरटीई की धारा 12 के खंड (1) के उपखंड (ग) के तहत शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकृति दे दी है। अब तक आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को नर्सरी, केजी-1 और कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाता था, लेकिन अब केवल कक्षा पहली में ही प्रवेश दिया जाएगा।
क्यों बदला गया नियम
आरटीई लागू होने के शुरुआती वर्षों में कक्षा पहली से ही प्रवेश की व्यवस्था थी, लेकिन बाद में निजी स्कूलों की मांग और बच्चों की पढ़ाई में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए एंट्री क्लास में प्रवेश का प्रावधान किया गया था। अब एक बार फिर शासन ने नियम में बदलाव करते हुए एंट्री क्लास को समाप्त कर दिया है।

2011 से फीस में नहीं हुई बढ़ोतरी
- आरटीई के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली फीस में 2011 से अब तक कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
- कक्षा 1 से 5 तक: ₹7,000 प्रति छात्र प्रतिवर्ष + ₹540 यूनिफॉर्म
- कक्षा 6 से 8 तक: ₹11,500 प्रति छात्र प्रतिवर्ष + ₹1,000 यूनिफॉर्म
- कक्षा 9 से 12 तक: ₹15,000 प्रति छात्र प्रतिवर्ष + ₹1,000 यूनिफॉर्म
प्राइवेट स्कूल संचालक लंबे समय से फीस बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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