
मानसून और प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ तैयार: मॉक ड्रिल में दिखाया गया रेस्क्यू कौशल
दुर्ग, 22 जून 2025
छत्तीसगढ़ में मानसून का आगमन हो चुका है। हालांकि अभी तेज बारिश नहीं हो रही, लेकिन आने वाले दिनों में भारी बारिश से नदियों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के किनारे राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान एसडीआरएफ ने बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में डूबते लोगों को बचाव और सीपीआर जैसे जीवन रक्षक उपायों का अभ्यास किया गया।
शिवनाथ नदी पर मॉक ड्रिल का आयोजन
शनिवार को कलेक्टर के निर्देश पर शिवनाथ नदी के तट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ के दौरान होने वाली विभिन्न आपात Situations को संभालने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल में तेज बारिश के दौरान नदी पार करने के दौरान बोट पलटने, गांव में पानी भरने और लोगों के फंसने जैसी परिस्थितियों का अनुकरण किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान नदी में डूब रहे लोगों को बचाने, तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने और क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने का अभ्यास किया गया। आधुनिक बचाव उपकरणों जैसे मोटर बोट, लाइफ जैकेट, अंडर व वट व रट कैरे, और स्क्यूबा डाइविंग किट का उपयोग भी प्रदर्शित किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रभावशाली डेमो
जिला सेनानी और एसडीआरएफ दुर्ग प्रभारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल में विभिन्न प्रकार के रेस्क्यू ऑपरेशनों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गांव में फंसे लोगों को निकालना, नदी में डूबे व्यक्ति को बचाना, स्क्यूबा डाइविंग के जरिए मृतक के शव को निकालना, और रेस्क्यू के दौरान मोटर बोट के पलटने जैसी स्थिति में बचाव कार्य शामिल थे।

इसके अलावा, डूबे हुए व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और तत्काल मेडिकल उपचार देने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। आधुनिक उपकरणों जैसे अंडरवाटर कैमरा, लाइफ बॉय, पेलिकन लाइट, और सर्व लाइट का उपयोग कर लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया।
बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणों को दिए टिप्स
मॉक ड्रिल के दौरान ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय सिखाए गए। शिवनाथ नदी के आसपास के गांव बारिश में अक्सर जलमग्न हो जाते हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए घरेलू सामग्री जैसे टायर, ड्रम, मटका, और प्लास्टिक की बोतलों से अस्थायी राफ्ट और लाइफ जैकेट बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

एसडीआरएफ और जिला बचाव दल ने इन तकनीकों का प्रदर्शन कर ग्रामीणों को जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी।
प्रशासन और नागरिकों की सहभागिता
मॉक ड्रिल में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को भी शामिल किया गया ताकि आपदा के समय सही कदम उठाने और एसडीआरएफ की सहायता करने की जानकारी उन्हें मिल सके। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने एसडीआरएफ की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई में मदद मिलेगी। इस अवसर पर एडीएम वीरेंद्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी, लता उर्वशा, डिप्टी कलेक्टर हितेश पिस्या, उत्तम धुस्व, नगर सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, और ग्रामीण उपस्थित थे।
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