
बेटा हुआ तो नाम ‘देशप्रेम’ रखूंगी… बांग्लादेश से लौटने के बाद क्यों बोलीं सोनाली खातून?
मालदा/नई दिल्ली। बांग्लादेश की जेल में 103 दिन बिताने के बाद भारत लौटी सोनाली खातून भावुक होकर बोलीं— “अगर फिर कभी बेटा हुआ, तो उसका नाम ‘देशप्रेम’ रखूंगी।” शुक्रवार शाम उन्हें और उनके छोटे बेटे साबिर को पश्चिम बंगाल में Malda सीमा के रास्ते भारत वापस लाया गया। यह वापसी Supreme Court of India के निर्देशों के बाद संभव हो सकी।
103 दिन बांग्लादेश की जेल में बिताए
सोनाली खातून और उनके बेटे को कथित रूप से ‘घुसपैठ’ के आरोप में पकड़ा गया था। दोनों ने करीब तीन महीनों से भी अधिक समय बांग्लादेश की जेल में बिताए, जहाँ परिस्थितियाँ बेहद कठिन थीं।
सोनाली ने बताया कि जेल में छोटे साबिर का ख्याल रखना बेहद मुश्किल था और हर दिन घर लौटने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई घर वापसी
मामले पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सोनाली और उनके बेटे को जल्द से जल्द भारत लाया जाए।
इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने बांग्लादेश प्रशासन के साथ समन्वय कर उनकी पुनर्वापसी प्रक्रिया पूरी की। शुक्रवार शाम दोनों को मालदा सीमा पर भारत को सौंपा गया।

वापसी पर सोनाली भावुक— ‘देश ने मुझे वापस बुला लिया’
भारत लौटने के बाद सोनाली ने कहा—
“मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने देश की मिट्टी फिर छू पाऊंगी।” “अगर भविष्य में कभी बेटा हुआ, तो उसका नाम ‘देशप्रेम’ रखूंगी… क्योंकि मेरे देश ने मुझे और मेरे बेटे को वापस बुला लिया।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
परिवार में खुशी, स्थानीय लोगों में राहत
सोनाली और बेटे की घर वापसी की खबर से उनके परिवार और गाँव में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह माँ और बच्चे की जिंदगी का नया आरंभ है।
मामले पर आगे क्या?
अब प्रशासन की ओर से उनकी नागरिकता और पहचान संबंधी औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं। कानूनी प्रक्रिया के बाद सोनाली अपने घर में सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगी।
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