
Ambikapur में गर्भवती महिला की 1 दिन में दो बार सर्जरी, मौत
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच हुई है। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही दिन में दो बार ऑपरेशन किया गया। पहले ऑपरेशन में डिलीवरी कराई गई, लेकिन टांकों से खून बहने लगा, जिसके बाद महिला का गर्भाशय निकाल दिया गया।

पहला ऑपरेशन: डिलीवरी के बाद बढ़ी मुश्किलें
बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के कृष्णनगर की रहने वाली सुनीता सिंह (35), पति मनीष सिंह, नौ महीने की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर मितानिन संगीता सिंह की मदद से परिजन उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चे का जन्म कराया। परिजन बताते हैं कि जन्म के कुछ समय बाद ही ऑपरेशन वाले हिस्से से खून आना शुरू हो गया।
दूसरा ऑपरेशन: ब्लीडिंग रोकने गर्भाशय निकाला
टांकों से लगातार खून बहने के कारण डॉक्टरों ने दूसरे ऑपरेशन का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में महिला का यूट्रस (गर्भाशय) निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद भी सुनीता की हालत गंभीर बनी रही और डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया।
रायपुर में भी नहीं मिला इलाज, रास्ते में मौत
रायपुर के मेकाहारा अस्पताल पहुंचने पर वहां से मरीज को एम्स ले जाने कहा गया। परिजनों का आरोप है कि एम्स में बेड खाली न होने का हवाला देकर भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। मरीज को वापस मेकाहारा लाया जा रहा था, तभी रास्ते में सुनीता की मौत हो गई।

परिजनों का आरोप: डॉक्टरों की लापरवाही से गई जान
सुनीता के परिवार वालों का कहना है कि—
•पहली सर्जरी के बाद समय रहते ब्लीडिंग कंट्रोल नहीं किया गया,
•बिना पर्याप्त तैयारी के दोबारा ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल दिया गया,
•रायपुर रेफर करने के बाद भी समय पर इलाज नहीं मिला,
•एम्स द्वारा भर्ती न किए जाने से स्थिति और खराब हो गई।
परिजनों ने पूरी घटना की जांच और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
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