
छत्तीसगढ़ में नई जमीन गाइडलाइन पर सरकार का यू-टर्न, कई प्रावधान वापस — पूरे प्रदेश में लागू होगी एकरूप व्यवस्था
आपत्तियों के बीच सरकार का बड़ा फैसला
रायपुर: छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर लगातार उठ रही आपत्तियों और विवादों के बीच सरकार ने बड़ा यू-टर्न ले लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के रविवार को दिए गए इस बयान के बाद कि “जरूरत पड़ने पर पुनर्विचार किया जाएगा”, अब केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों के कई प्रावधान वापस
हाल ही में जारी की गई गाइडलाइन दरों में बड़ी बढ़ोतरी को लेकर आम लोगों, व्यापारियों और रियल एस्टेट सेक्टर में नाराजगी थी। इन विरोधों को देखते हुए बैठक में बढ़ोतरी से जुड़े कई प्रावधानों को वापस लेने का फैसला किया गया है।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जमीन दरों में बढ़ोतरी के ऐसे बिंदु जो व्यवहारिक नहीं थे या जिनसे आम लोगों पर सीधा बोझ पड़ रहा था, उन्हें हटा दिया गया है।
पूरे प्रदेश में एकरूप मूल्यांकन व्यवस्था लागू
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में यह भी तय किया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अब जमीन का मूल्यांकन एक समान और एकरूप प्रणाली के तहत किया जाएगा।
इस नए मॉडल से अलग-अलग जिलों में प्रचलित भिन्न दरों और प्रक्रियाओं को एक समान किया जाएगा, जिससे:
- जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी
- लोगों को भ्रम की स्थिति से राहत मिलेगी
- रजिस्ट्रियों में एक जैसी प्रक्रिया लागू होगी
राजनीतिक हलचल के बाद आया निर्णय
नई गाइडलाइन दरों को लेकर प्रदेश भर में राजनीतिक हलचल तेज थी। विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे जनविरोधी बताते हुए विरोध किया था। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने यह संशोधन करने का फैसला लिया।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



