
कांग्रेस नेता की जेल में संदिग्ध मौत से बवाल: NH-30 पर आदिवासी समाज का जाम, शव लेने से इंकार
कांकेर/रायपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कांकेर जिले में भारी तनाव फैल गया है। आदिवासी समाज ने चारामा में नेशनल हाईवे-30 को जाम कर दिया है। दूसरी ओर, परिवार ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। बढ़ते विरोध के बीच मजिस्ट्रेट ने न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और जेल प्रशासन पर सवालों की झड़ी लग गई है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों और समाज ने गंभीर आरोप लगाए है कि जीवन ठाकुर को 2 दिसंबर को बिना किसी सूचना के कांकेर जेल से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। बीयत बिगड़ने या अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी परिवार को नहीं दी गई । 4 दिसंबर सुबह 4:20 बजे मेकाहारा में भर्ती कराया गया और 7:45 बजे उनकी मौत हो गई। सूचना शाम 5 बजे दी गई, जिसे परिवार ने “चौंकाने वाला” कहा आदिवासी समाज का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में “बड़ी लापरवाही” है और मौत संदिग्ध प्रतीत होती है।।
“जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक नहीं होगा अंतिम संस्कार”
आदिवासी समाज और परिजनों ने एक स्वर में कहा—> “यह केवल मौत नहीं, कई सवालों से घिरा मामला है। जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, हम शव नहीं लेंगे।” इस चेतावनी के बाद चारामा में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।

NH-30 पर जाम से व्यवस्था ठप
चारामा थाना के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर प्रदर्शन जारी है। ट्रक, बसें और निजी वाहन घंटों से फंसे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं है।
जेलर हटाया गया
लगातार बढ़ते विवाद के बीच कांकेर जिला जेल के जेलर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर ने ज्यूडिशियल इंक्वायरी के आदेश दे दिए है ।यह कार्रवाई सरकार के दबाव में आने की बड़ी स्वीकारोक्ति मानी जा रही है।

जेल प्रशासन की सफाई
रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री ने बयान दिया कि कैदी की तबीयत खराब होने पर रायपुर शिफ्ट किया गया और मेकाहारा में इलाज के दौरान मौत हुई । जेल प्रशासन ने बाकी सवालों पर चुप्पी साध ली है।
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