
रायगढ़: अजब-गजब मामला, तालाब में डूबे हाथी शावक के लिए ग्रामीणों ने किया दशकर्म
रायगढ़। तमनार रेंज के गौरमुड़ी गांव में तालाब में डूबे हाथी शावक की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसकी आत्मा की शांति के लिए विशेष दशकर्म का आयोजन किया। इस अनोखे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और हाथियों के प्रति संवेदनशीलता तथा वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।

पूरा मामला
घटना 24 नवंबर की रात की है, जब 34 हाथियों का झुंड गौरमुड़ी क्षेत्र में विचरण कर रहा था। पानी पीने के लिए गांव के तालाब में पहुंचे झुंड में से एक हाथी शावक फिसलकर पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पोस्टमार्टम एवं अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की थी।
दशकर्म कार्यक्रम में 200 ग्रामीण शामिल हुए
हाथियों का दल अभी भी तमनार रेंज में लगातार घूम रहा है और आसपास के गांवों की फसलों को नुकसान पहुँचा रहा है। इसी बीच ग्रामीणों ने शावक की आत्मा की शांति, खेतों की सुरक्षा और तालाब के शुद्धिकरण के उद्देश्य से दशकर्म का आयोजन किया। बुधवार सुबह तालाब के पास पूरे विधि-विधान से कर्मकांड सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम में करीब 200 ग्रामीण शामिल हुए और सामूहिक सहयोग से तैयार भोजन ग्रहण किया।

गौरमुड़ी निवासी रमेश कुमार पंडा ने बताया कि “लगभग 8–10 दिन पहले हाथियों का झुंड आया था। फसलों को नुकसान पहुँचा था। उसी झुंड के एक शावक की तालाब में डूबने से मौत हुई थी। उसकी आत्मा की शांति और गांव में नुकसान न हो, इसलिए दशकर्म किया गया।” ग्रामीणों के इस कदम को वन विभाग ने भी सराहा है और इसे मानवीय संवेदना तथा वन्यजीव संरक्षण की अनोखी मिसाल बताया है।
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