
ओडिशा से साइबर ठग गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार, अब तक पांच गिरफ्तार
राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई सवा करोड़ की ठगी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में ओडिशा के भुवनेश्वर से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले तीन आरोपी मध्यप्रदेश के सिहोर और इंदौर से पकड़े जा चुके हैं। कुल मिलाकर अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

फर्जी वेबसाइट के जरिए व्यापारी से 1.21 करोड़ की ठगी
राजनांदगांव के एक युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप पर फर्जी वेबसाइट लिंक भेजकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में दोगुना मुनाफा देने का लालच दिया। शुरुआत में 15 हजार रुपये का फर्जी लाभ दिखाकर व्यापारी को भरोसे में लिया गया। इसके बाद कुल 1,21,53,590 रुपये विभिन्न खातों में जमा कराए गए। जब व्यापारी ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने बहाना बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ और उसने हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
तकनीकी जांच से मिले सुराग, दो राज्यों में दबिश
सायबर सेल की टीम ने पीड़ित के बैंक मनी ट्रेल की जांच कर तीन आरोपियों—
•धीरज सिंह (मप्र)
•अरविंद ठाकुर (मप्र)
•डिम्पल सिंह यादव (हरियाणा)
—को 29 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
बाद में जांच में मामले के तार ओडिशा से जुड़े होने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम भुवनेश्वर पहुँची और दो और आरोपी—
•धर्मेंद्र कुमार (दिल्ली)
•राजेश मंडल (झारखंड)
—को गिरफ्तार किया गया।

रंगे हाथ पकड़ा गया गिरोह का नेटवर्क
ओडिशा में धर्मेंद्र कुमार और राजेश मंडल कमिशन पर बैंक खाते खरीदकर स्कैम सेंटर तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। साइबर सेल ने छापेमारी में धर्मेंद्र से 3 एटीएम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए।
आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया
सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, थाना कोतवाली प्रभारी नंद किशोर गौतम, संजीव मालेकर, अमित सोनी, जोगेश राठौर, हेमंत साहू व आदित्य सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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