
Raigarh RPF पोस्ट पर सनसनीखेज घटना: संविधान पर बहस के दौरान एक आरक्षक ने साथी को मारी गोली
रायगढ़, 3 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) पोस्ट पर सुबह करीब 4 बजे एक आरक्षक ने अपने ही साथी पर गोली चला दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोली लगने से घायल आरक्षक पी.के. मिश्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और RPF के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल रायगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, RPF की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह घटना बिलासपुर रेलवे मंडल के अंतर्गत आने वाली RPF पोस्ट पर हुई, जहां दोनों आरक्षकों के बीच संविधान को लेकर बहस के दौरान विवाद भड़क गया।
घटना की पूरी कथा: बहस से गोलीबारी तक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रायगढ़ RPF पोस्ट पर तैनात दोनों आरक्षक रात्रि ड्यूटी पर थे। सुबह करीब 4 बजे दोनों के बीच भारतीय संविधान से जुड़े किसी मुद्दे पर तीखी बहस हो गई। बहस इतनी तेज हो गई कि गोली चलाने वाले आरक्षक ने अपना सर्विस रिवॉल्वर निकाल लिया और पी.के. मिश्रा के कनपटी पर सटाकर तीन राउंड फायर कर दिए। घटना की पूरी प्रक्रिया वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जो जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती है। पीड़ित आरक्षक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गोली चलाने वाले आरक्षक को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन उसका नाम अभी गोपनीय रखा गया है।

RPF प्रशासन की प्रतिक्रिया: वरिष्ठ अधिकारी रवाना
घटना की सूचना मिलते ही बिलासपुर रेलवे मंडल के RPF अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें डीआरपी और अन्य उच्च पदाधिकारी शामिल हैं, तुरंत रायगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। वे घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे और प्रारंभिक जांच के बाद बयान जारी करने की संभावना है। RPF के एक अनौपचारिक स्रोत ने बताया कि यह आंतरिक विवाद का मामला लगता है, लेकिन विभागीय स्तर पर गहन जांच की जाएगी। फिलहाल, पोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
संविधान पर बहस: विवाद का आधार क्या था?
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, बहस का मुद्दा भारतीय संविधान के किसी प्रावधान से जुड़ा था। दोनों आरक्षक, जो लंबे समय से एक साथ ड्यूटी कर रहे थे, सामान्य बातचीत के दौरान इस विषय पर असहमत हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं तनावपूर्ण ड्यूटी शेड्यूल और व्यक्तिगत मतभेदों के कारण हो सकती हैं। RPF में ऐसे मामलों को रोकने के लिए नियमित काउंसलिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने विभाग के भीतर मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि विवाद कितना गहरा था और क्या कोई पूर्व शत्रुता थी।
जांच और आगे की कार्रवाई: CCTV फुटेज बनेगी आधार
पुलिस और RPF संयुक्त टीम घटना की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। यदि गोलीबारी साबित हुई, तो आरोपी पर हत्या या हत्या के प्रयास के आरोप लगाए जा सकते हैं। रेलवे प्रशासन ने पीड़ित आरक्षक के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। यह घटना रेलवे सुरक्षा बल में अनुशासन और संघर्ष प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देती है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक बयान का इंतजार है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



