
अहमदाबाद विमान हादसा: एयर इंडिया के क्रैश विमान का ब्लैक बॉक्स अमेरिका भेजा जाएगा, भारत में डेटा निकालना असंभव
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हाल ही में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं, को विस्तृत विश्लेषण के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका भेजने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भारत में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं से क्षतिग्रस्त ब्लैक बॉक्स का डेटा निकालना संभव नहीं है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
हादसे का विवरण
अहमदाबाद, गुजरात में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया के विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यह हादसा सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) के साथ हुआ। विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन की इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयानक हादसे में 274 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें विमान में सवार 241 यात्री और क्रू मेंबर, साथ ही जमीन पर 33 स्थानीय लोग और मेडिकल छात्र शामिल हैं।
ब्लैक बॉक्स की स्थिति
हादसे के बाद बचाव दल ने विमान के ब्लैक बॉक्स को बरामद कर लिया, लेकिन जांच में पता चला कि यह बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “ब्लैक बॉक्स की हालत ऐसी है कि भारत में मौजूद तकनीक से इसका डेटा रिकवर करना नामुमकिन है। इसलिए, इसे अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की अत्याधुनिक प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है।”
ब्लैक बॉक्स का महत्व
ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान हादसे की जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति और अन्य तकनीकी विवरण रिकॉर्ड करता है, जबकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में पायलटों की बातचीत और कॉकपिट की अन्य आवाजें दर्ज होती हैं।

इस डेटा से हादसे के सटीक कारणों, जैसे कि मानवीय त्रुटि, यांत्रिक खराबी या बाहरी कारकों, का पता लगाया जा सकता है।
अमेरिका भेजने का कारण
अमेरिका की NTSB के पास क्षतिग्रस्त ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध है। भारत में ऐसी जटिल प्रक्रिया के लिए आवश्यक उपकरण और सॉफ्टवेयर की कमी के कारण ब्लैक बॉक्स को विदेश भेजा जा रहा है। पहले भी कई भारतीय विमान हादसों के ब्लैक बॉक्स की जांच NTSB द्वारा की जा चुकी है।
जांच की प्रक्रिया
हादसे की जांच डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। ब्लैक बॉक्स का डेटा प्राप्त होने के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है। प्रारंभिक जांच में रनवे पर फिसलन और पायलट के निर्णय लेने में संभावित त्रुटि जैसे कारकों की ओर इशारा किया गया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष डेटा विश्लेषण पर निर्भर करेगा।
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