
राजनांदगांव पुलिस का साइबर ठगी पर करारा प्रहार, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी शेयर ट्रेडिंग गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। जिले में साइबर ठगी के दो बड़े मामलों का राजनांदगांव पुलिस ने खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘फर्जी शेयर ट्रेडिंग’ के जरिए एक बुजुर्ग महिला और एक युवा व्यापारी से कुल ₹2 करोड़ से अधिक की ठगी में शामिल थे। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में साइबर सेल और थाना कोतवाली की टीम ने हरियाणा और मध्य प्रदेश से आरोपियों को पकड़ा।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹79 लाख की ठगी
एक 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइबर अपराधियों ने CBI अधिकारी और जज बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा देकर दबाव बनाया। डरी-सहमी पीड़िता से कुल ₹79,69,047 रुपये विभिन्न खातों में जमा करवाए गए।
फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग में व्यापारी से ₹1.21 करोड़ की ठगी
युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को फर्जी ट्रेडिंग एक्सपर्ट बनकर बड़े मुनाफे का लालच दिया गया। पहले छोटे लाभ दिखाए गए, फिर निवेश बढ़ाने के नाम पर उनसे ₹1,21,53,590 रुपये ठग लिए गए। व्हाट्सएप के जरिए फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट भेजी गई थी।

4 आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी विश्लेषण, बैंक मनी ट्रेल और टीमवर्क के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार किए—
1️⃣ राधे श्याम (20 वर्ष), जोधपुर (राजस्थान)
- डिजिटल अरेस्ट केस में शामिल
- ₹20 लाख यश बैंक खाते में प्राप्त
- कमीशन लेकर बाकी राशि गिरोह को भेजता था ।
2️⃣ धीरज सिंह (34 वर्ष), पार्वती (मध्य प्रदेश)
- शेयर ट्रेडिंग मामले में शामिल
- अपनी कंपनी ‘किसान बाजार’ के नाम पर खाता खुलवाया
- कमीशन पर खाते ठगों को मुहैया कराता था
3️⃣ अरविंद्र ठाकुर (30 वर्ष), आष्टा, सीहोर (म.प्र.)
- खाता उपलब्ध कराने वाला
- 2% कमीशन पर काम
4️⃣ डिम्पल सिंह यादव (22 वर्ष), भिण्डावास (हरियाणा)
- बीटेक साइबर सिक्योरिटी छात्र
- खाते उपलब्ध कराता और 2.8% कमीशन क्रिप्टो (USDT) में लेता था ।
जब्त सामान
- बैंक पासबुक
- ATM कार्ड
- चेक बुक
- आधार/पैन कार्ड
- 05 मोबाइल फोन
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