
छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मीडिया पर प्रतिबंध: कांकेर प्रेस क्लब ने जलाया स्वास्थ्य विभाग का आदेश
पत्रकारों में आक्रोश, प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल
19 जून 2025:
छत्तीसगढ़ के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए प्रतिबंध ने पत्रकारों में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस आदेश के विरोध में कांकेर प्रेस क्लब ने स्वास्थ्य विभाग के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना रोष व्यक्त किया। पत्रकारों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग का आदेश
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी कर सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पत्रकारों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश के तहत पत्रकार अब बिना अनुमति के अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और न ही वहां की खबरें कवर कर सकेंगे। विभाग का तर्क है कि इससे मरीजों की गोपनीयता बनी रहेगी और अस्पताल का कार्य सुचारू रूप से चलेगा। हालांकि, पत्रकार इस आदेश को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश मान रहे हैं।
कांकेर प्रेस क्लब का विरोध
कांकेर प्रेस क्लब ने इस आदेश के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बुधवार को प्रेस क्लब के सदस्यों ने कांकेर में एकत्र होकर स्वास्थ्य विभाग के आदेश की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने कहा, “यह आदेश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।

पत्रकारों को अस्पतालों में जाने से रोकना न केवल उनकी स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि यह जनता के जानने के अधिकार का भी उल्लंघन है।” उन्होंने मांग की कि सरकार इस आदेश को तुरंत वापस ले और पत्रकारों को बिना रोक-टोक अपना काम करने दे।
पत्रकारों की चिंता
पत्रकारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में होने वाली अनियमितताएं, मरीजों के साथ होने वाला अन्याय और स्वास्थ्य सेवाओं की खामियां सामने लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस प्रतिबंध से न केवल पत्रकारों का काम प्रभावित होगा, बल्कि जनता तक सही जानकारी पहुंचने में भी बाधा आएगी। कांकेर के एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा, “अस्पतालों में कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं, जिन्हें उजागर करना जरूरी होता है। इस आदेश से सरकार क्या छिपाना चाहती है?”
स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम मरीजों की निजता और अस्पतालों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पत्रकारों के बिना अनुमति प्रवेश करने से कई बार मरीजों को असुविधा होती थी और चिकित्सकों का ध्यान भटकता था। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष परिस्थितियों में अनुमति लेकर पत्रकार खबरें कवर कर सकते हैं।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें 👇👇
https://chat.whatsapp.com/IJrppjHVVwT5Q6vKhLAfuT



