
पुलिस महानिदेशकों का 60वां अखिल भारतीय सम्मेलन: ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ थीम पर छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन
रायपुर, २७ नवंबर २०२५ : प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का ६०वां अखिल भारतीय सम्मेलन २९-३० नवंबर २०२५ को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ थीम पर केंद्रित यह सम्मेलन पुलिसिंग चुनौतियों की समीक्षा करेगा और ‘सुरक्षित भारत’ निर्माण के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने पर जोर देगा। सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य: पुलिसिंग चुनौतियों पर गहन चर्चा
यह सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। पुलिस महानिदेशकों को एकजुट करने वाला यह आयोजन विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस व्यवस्था में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए रणनीतियां तैयार करने पर केंद्रित होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में सुरक्षा के आयामों को मजबूत करना है, ताकि नागरिकों को एक सुरक्षित और समृद्ध वातावरण मिल सके।
स्थान और तिथियां: आईआईएम रायपुर में दो दिवसीय आयोजन
सम्मेलन २९ और ३० नवंबर २०२५ को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), रायपुर में आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ की इस हरित नगरी में होने वाला यह आयोजन न केवल स्थानीय स्तर पर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस सुधारों को गति प्रदान करेगा। आयोजन स्थल के रूप में आईआईएम रायपुर का चयन आधुनिक सुविधाओं और शांतिपूर्ण वातावरण के कारण किया गया है, जो गहन चर्चाओं के लिए आदर्श सिद्ध होगा।
प्रमुख चर्चा विषय: लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म से लेकर एआई तक
सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की मांगों को दर्शाते हैं। इनमें शामिल हैं:
- लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (एलडब्ल्यूई): नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना के लिए नई रणनीतियां।
- काउंटर-टेररिज्म: आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित प्रयास और खुफिया तंत्र को मजबूत करना।
- डिजास्टर मैनेजमेंट: प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पुलिस की भूमिका और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली।
- महिलाओं की सुरक्षा: लिंग आधारित हिंसा रोकने के लिए जागरूकता अभियान और कानूनी प्रवर्तन।
- फॉरेंसिक साइंस और एआई का उपयोग: आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपराध जांच को तेज और सटीक बनाने पर विशेष जोर।
- ये विषय देश की बदलती सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, जो ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।
प्रमुख प्रतिभागी: केंद्रीय नेतृत्व और पुलिस प्रमुखों की मौजूदगी
सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों जैसे सीबीआई, सीआरपीएफ, बीएसएफ आदि के प्रमुख भी उपस्थित रहेंगे। यह संयुक्त मंच विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करने में सहायक होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
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