
GPM: जो अधिकारी रिश्वतखोरों को पकड़ने जाता था, उसके घर ही पड़ा छापा
पशुपालन विभाग के उपसंचालक के घर घंटों चली तलाशी
छापेमारी की सबसे बड़ी कार्रवाई गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में पदस्थ उपसंचालक पशुपालन डॉ. तनवीर अहमद के अंबिकापुर स्थित पर्राडांड आवास पर हुई। एसीबी–ईओडब्ल्यू की टीम ने सुबह से ही उनके घर की तलाशी शुरू की, जो कई घंटों तक जारी रही। डॉ. तनवीर अंबिकापुर में वर्षों तक पशु चिकित्सक रहे और बाद में सरगुजा जिला पंचायत में सहायक परियोजना अधिकारी के रूप में भी पदस्थ रहे। कांग्रेस शासनकाल में वे बलरामपुर जिले में उपसंचालक पशुपालन भी रहे थे।

घोटालों में विभागीय अनियमितताओं की जांच तेज
डीएमएफ घोटाले के दौरान पशुपालन विभाग के कई कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। फर्जी बिल, अपूर्ण कार्य और अनियमित भुगतान जैसे आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। माना जा रहा है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत टीमों के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
शराब घोटाले में भी खोजे जा रहे नए सुराग
राज्य में 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच पहले से जारी है। रविवार की दबिशों को इस घोटाले के नए सुरागों की खोज से जोड़कर देखा जा रहा है। कई अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ी
एक साथ 19 ठिकानों पर छापेमारी से प्रशासनिक और राजनीतिक महकमों में खलबली मच गई है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से संकेत मिल रहे हैं कि जांच एजेंसियां बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को उजागर करने की तैयारी में हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



