
Raipur की मोजो मशरूम फैक्ट्री से बाल मजदूरी का पर्दाफाश
रायपुर के खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री से एक बार फिर बड़ा बाल मजदूरी मामला सामने आया है। 17 नवंबर की शाम दिल्ली से आई मानवाधिकार आयोग की टीम, महिला एवं बाल विकास विभाग и पुलिस के संयुक्त छापे में 109 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया। यह पहला मौका नहीं है जब इस फैक्ट्री में बाल श्रम का मामला पकड़ा गया हो, लेकिन इस बार संख्या इतनी बड़ी है कि पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।

कैसे चला पूरा ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार, मानवाधिकार आयोग को फैक्ट्री में बच्चों के शोषण की गुप्त शिकायतें मिल रही थीं। जानकारी की पुष्टि होने के बाद टीम सीधे दिल्ली से रायपुर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर छापेमारी की। फैक्ट्री परिसर में दर्जनों छोटे कमरे मिले, जिनमें बच्चों को ठूंसकर रखा गया था।
बच्चों ने बताए शोषण के हालात
फैक्ट्री से मुक्त हुए कई बच्चों ने बताया कि उन्हें घंटों खड़े होकर काम करना पड़ता था।
•एक कमरे में 10-15 मजदूरों को भर दिया जाता था।
•पीने के लिए पॉलीथिन में भरा पानी दिया जाता था।
•मशरूम तैयार करने में रसायनों का अत्यधिक उपयोग होता था, जिसकी बदबू से आंखों में जलन और सिरदर्द होता था।

फैक्ट्री में निगरानी से बचने की कोशिशें भी उजागर
टीम ने पाया कि फैक्ट्री में अंदरूनी हिस्से को इस तरह बनाया गया था कि बाहरी व्यक्ति को शोषण की स्थिति आसानी से दिखाई न दे। उत्पादन क्षेत्र में रसायनों की गंध और बदबू बेहद तेज थी, जबकि मास्क या सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं थे।
प्रशासन की सख्ती—फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई के संकेत
छापेमारी के बाद सभी 109 बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उन्हें
•स्वास्थ्य परीक्षण
•काउंसलिंग
•अस्थायी आश्रय
प्रदान किया जा रहा है।
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