
दिल्ली कार धमाका मामला: डॉ शाहीन ने उगला एक और राज, दिल्ली ब्लास्ट केस में नए नाम का खुलासा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हुए कार विस्फोट की जांच अब नए मोड़ पर पहुँच गई है। जांच एजेंसियों को इस मामले में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले साबिर अहमद के संबंधों पर गहरा शक है। साबिर इस समय मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में न्यायिक हिरासत में है, लेकिन जांच में सामने आया है कि वह जेल के अंदर से ही राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

क्या है साबिर अहमद का कनेक्शन?
जांच में यह खुलासा तब हुआ जब दिल्ली आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर, डॉ. शाहीन शाहिद से पूछताछ की गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार—
- डॉ. शाहीन शाहिद कई सामाजिक समूहों के माध्यम से आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
- हर समूह का वह “संरक्षक” था।
- इन्हीं समूहों में से एक में जेल में बंद साबिर अहमद भी सक्रिय पाया गया।
कई बार करता था राष्ट्र-विरोधी प्रचार
जांच एजेंसी के अनुसार, साबिर अहमद सोशल प्लेटफॉर्म और संपर्कों के जरिए भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करता था और बाहरी नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।
12 नवंबर को STF ने साबिर के भाई फैजल अहमद को भी नदिया जिले के बड़ा नालदाहा इलाके से हिरासत में लिया। हालांकि उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
एक सूत्र के मुताबिक, साबिर जेल के अंदर रहते हुए भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और वह दिल्ली में हुए कार विस्फोट की साजिश का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस का क्या कहना है
कृष्णानगर पुलिस जिले के एएसपी (ग्रामीण) उत्तम घोष ने कहा:
“एसटीएफ कुछ दिन पहले साबिर के भाई को लेकर गई थी। लेकिन हमें साबिर के विस्फोटों में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है।”

NIA की कार्रवाई
इस बीच, NIA ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के MBBS छात्र निसार आलम को गिरफ्तार किया है।
- निसार की गिरफ्तारी मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग के बाद हुई थी।
- उसे उत्तरी दिनाजपुर के दालखोला से पकड़ा गया।
कार विस्फोट की जांच के बढ़ते दायरे और जेल में बैठे नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी से सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ गई है।
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