
Bilaspur: गलत पैर का ऑपरेशन करने पर High Court सख्त, लालचंदानी अस्पताल व RB इंस्टिट्यूट की जांच रिपोर्ट खारिज
गरीब महिला के साथ चिकित्सीय लापरवाही का गंभीर मामला
बिलासपुर। ईएसआईसी योजना के तहत इलाज करा रही गरीब महिला के साथ हुए चिकित्सीय लापरवाही के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। महिला का गलत पैर का ऑपरेशन करने और फिर जल्दबाजी में दूसरा ऑपरेशन करने के मामले की जांच रिपोर्ट को कोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह रिपोर्ट बिलासपुर के लालचंदानी अस्पताल और आरबी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की ओर से तैयार की गई थी।

समिति विधिसम्मत नहीं, नियमों की अनदेखी—कोर्ट
कोर्ट ने पाया कि जांच समिति न तो विधिसम्मत तरीके से गठित की गई थी और न ही नियमों में निर्धारित अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट कानून की नजर में किसी भी प्रकार की वैधता नहीं रखती।
जल्दबाजी में दो बार किया ऑपरेशन
मामले के अनुसार, चिकित्सा संस्थानों की लापरवाही इतनी गंभीर थी कि पहले महिला का गलत पैर का ऑपरेशन कर दिया गया और गलती का पता चलने पर जल्दबाजी में दूसरे पैर का भी ऑपरेशन कर दिया गया। इससे महिला को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ।

कलेक्टर को नई उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को निर्देश दिया है कि नियम 18 के तहत नई, उच्चस्तरीय और विधिसम्मत समिति गठित की जाए और चार महीने के भीतर संपूर्ण जांच पूरी की जाए। अदालत ने कहा कि पीड़ित महिला को न्याय मिलना आवश्यक है और इसके लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
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