
Online Betting Apps पर कार्रवाई: ईडी ने हरभजन, युवराज, रैना, सोनू सूद से की पूछताछ
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स की जांच को और तेज कर दिया है, जिसमें पूर्व क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों द्वारा किए गए प्रचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ईडी के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह, युवराज सिंह, सुरेश रैना, अभिनेता सोनू सूद और अभिनेत्री उर्वशी रौतेला से प्रतिबंधित बेटिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे 1xBet, FairPlay, Parimatch और Lotus365 के साथ प्रचारात्मक संबंधों को लेकर पूछताछ की गई है।
27,000 करोड़ रुपये का वार्षिक कर नुकसान, 2025 की पहली तिमाही में 1.6 अरब विजिट्स
ईडी ने अनुमान लगाया है कि भारत का अवैध ऑनलाइन बेटिंग बाजार 100 अरब डॉलर से अधिक का है, जो प्रतिवर्ष 30% की दर से बढ़ रहा है। जनवरी से मार्च 2025 के बीच इन प्लेटफॉर्म्स पर 1.6 अरब से अधिक विजिट्स दर्ज की गईं। इन गतिविधियों से होने वाली कर चोरी का अनुमान प्रतिवर्ष 27,000 करोड़ रुपये है।


सेलिब्रिटी प्रचार से भ्रामक धारणा
ईडी का कहना है कि सेलिब्रिटी प्रचार के कारण कई उपयोगकर्ता इन जुआ प्लेटफॉर्म्स को वैध मनोरंजन के रूप में गलत समझते हैं। तेलंगाना में दायर एक जनहित याचिका के अनुसार, ऑनलाइन बेटिंग हानियों से जुड़े 1,023 से अधिक आत्महत्याओं के मामले सामने आए हैं, जिनमें छात्र, गृहिणियां, दिहाड़ी मजदूर और बेरोजगार युवा शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि स्कूली बच्चे कक्षाएं छोड़कर सट्टेबाजी कर रहे हैं, कॉलेज छात्र ट्यूशन फीस का पैसा जुए में लगा रहे हैं, और कई परिवारों को तब तक वित्तीय नुकसान का पता नहीं चलता, जब तक कोई बड़ा संकट नहीं आता।
कैसे काम करता है घोटाला
ईडी अधिकारियों ने इन प्लेटफॉर्म्स पर लेनदेन का पता लगाने के लिए डमी उपयोगकर्ता खाते बनाए। जांच में पाया गया कि बेनामी और म्यूल खातों का उपयोग किया जाता है, जो कुछ घंटों तक ही सक्रिय रहते हैं। जब तक अधिकारी वर्चुअल पेमेंट पतों को चिह्नित कर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से डेटा मांगते हैं, तब तक धन निकाला या स्थानांतरित हो चुका होता है।
कानून का उल्लंघन
ईडी के अनुसार, ये बेटिंग प्लेटफॉर्म्स 1xBat और 1xBat Sporting Lines जैसे छद्म नामों का उपयोग कर विज्ञापन अभियान चलाते हैं। इन विज्ञापनों में अक्सर क्यूआर कोड शामिल होते हैं, जो उपयोगकर्ताओं को बेटिंग साइट्स पर रीडायरेक्ट करते हैं, जो भारतीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इन प्रचारों से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, और बेनामी लेनदेन अधिनियम के साथ-साथ सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों का उल्लंघन हो सकता है।
नोटिस जारी, जवाब का इंतजार
ईडी अधिकारियों ने बताया कि कुछ सेलिब्रिटीज को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि अन्य को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। हरभजन सिंह और सुरेश रैना के मीडिया प्रतिनिधियों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि युवराज सिंह, सोनू सूद और उर्वशी रौतेला से प्रतिक्रिया के लिए किए गए अनुरोधों का जवाब प्रकाशन के समय तक नहीं मिला।
अवैध बेटिंग का बढ़ता दायरा
ईडी के अनुमान के अनुसार, इन ऐप्स अब लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुके हैं, जिनमें से लगभग 11 करोड़ नियमित प्रतिभागी हैं। इन प्लेटफॉर्म्स ने सेलिब्रिटीज और प्रभावशाली लोगों के साथ साझेदारी कर, सरकार के स्पष्ट प्रतिबंधों के बावजूद व्यापक दृश्यता हासिल की है। जांच में यह भी पता चला है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने मीडिया आउटलेट्स और विज्ञापन फर्मों को 50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है, और कई अन्य लेनदेन की समीक्षा की जा रही है।
पुलिस और ईडी अब इन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए और सख्त कदम उठा रहे हैं, ताकि इस तरह के प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देने वालों पर लगाम लगाई जा सके और देश के युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
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