
रायपुर में स्कूल बसों की जांच: 418 बसों का निरीक्षण, 116 में खामियां, चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया
रायपुर, 15 जून 2025: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर 14 और 15 जून को रायपुर के पुराने बस स्टैंड पंडरी और परिवहन कार्यालय में एक विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन परिवहन विभाग, यातायात विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें श्री आशीष देवांगन, वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, और डॉ. प्रशांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) के मार्गदर्शन में स्कूल और कॉलेज बसों की जांच की गई। इस दौरान 418 बसों का निरीक्षण किया गया और चालक-परिचारकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी हुआ।
जांच के प्रमुख बिंदु
शिविर में बसों की जांच तीन मुख्य स्तरों पर की गई:
- दस्तावेजों की जांच: पंजीयन प्रमाण पत्र, मोटरयान कर रसीद, परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, चालक का लाइसेंस और स्पीड गवर्नर की जांच।
- मैकेनिकल फिटनेस: हेडलाइट, ब्रेक लाइट, पार्किंग लाइट, इंडिकेटर, स्टेयरिंग, टायर, वाइपर, ब्रेक, क्लच, एक्सीलेटर, सीट, हॉर्न और रिफ्लेक्टर की स्थिति।
- उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन: बसों पर “ON SCHOOL DUTY” लिखा होना, पीला रंग, स्कूल का नाम-पता, फर्स्ट ऐड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, स्पीड गवर्नर, अनुभवी चालक, महिला अटेंडेंट, सुरक्षा जाली, स्वचालित दरवाजे और नियमित मेंटेनेंस आदि।

जांच के परिणाम
418 बसों में से 302 बसें फिट पाई गईं, जबकि 116 बसों में विभिन्न खामियां पाई गईं। खामियों में रिफ्लेक्टर, टायर, वाइपर, सीट की खराब स्थिति, “ON SCHOOL DUTY” न लिखा होना, सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट ऐड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर और सुरक्षा जाली की कमी शामिल थी। कुछ बसों के परमिट और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी अवैध पाए गए। प्रभावित स्कूलों में एन.एच. गोयल स्कूल, एम.एम. स्कूल, ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल, मदर्स प्राइड स्कूल, और कृष्णा पब्लिक स्कूल डूंडा जैसे 21 संस्थान शामिल हैं। संबंधित स्कूल प्रबंधकों को खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण
श्री नारायणा हॉस्पिटल, जिला अस्पताल रायपुर और ए.एस.जी. नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सकों द्वारा 418 चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें रक्तचाप, मधुमेह, और आंखों की जांच की गई। 26 चालकों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह पाया गया, जिन्हें दवाइयां लेने और कमजोर दृष्टि वाले चालकों को चश्मा लगाने की सलाह दी गई।

कठोर कार्रवाई के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों ने जांच में बसें उपलब्ध नहीं कराईं, वहां यातायात और परिवहन विभाग की टीम संयुक्त जांच करेगी। खामियां पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई, वाहन जब्ती और शमन शुल्क वसूला जाएगा। मार्गकर जमा न होने पर भी कार्रवाई होगी। छात्रों को असुविधा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और बस मालिक की होगी।
यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें 👇👇
https://chat.whatsapp.com/IJrppjHVVwT5Q6vKhLAfuT



